पटना : भागलपुर उपद्रव मामले में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के पुत्र अर्जित शाश्वत चौबे की नियमित जमानत अर्जी को अदालत ने मंगलवार को खारिज कर दिया. भागलपुर के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-1 की अदालत में सोमवार को नियमित जमानत याचिका दाखिल की गयी थी. अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-1 अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए नियमित जमानत अर्जी को नामंजूर कर दिया.
वहीं, दूसरी ओर भागलपुर के नाथनगर में हुए उपद्रव के आरोपितों में से पांच को गिरफ्तार कर लिया गया है. पांचों आरोपितों को किसी गुप्त स्थान पर रखा गया है. वहीं, तीन अन्य आरोपितों ने अदालत में सरेंडर कर दिया है. जबकि, अर्जित शाश्वत चौबे फिलहाल 14 दिनों की न्यायिक हिरासत पर हैं.
मालूम हो कि 17 मार्च को भागलपुर के नाथनगर में हुए उपद्रव मामले में अर्जित शाश्वत चौबे को मुख्य आरोपित बनाते हुए वारंट जारी किया गया था. इसके बाद उन्होंने अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी, जिसके खारिज होने के बाद उन्हें 31 मार्च को पटना से गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद उन्हें अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. फिलहाल वह अस्पताल में भरती हैं. कैंप जेल सुपरिटेंडेंट रवींद्र चौधरी के मुताबिक, किडनी में स्टोन की समस्या के कारण उन्हें चिकित्सकों ने निगरानी में रखा है.
