रंगदारी नहीं देने पर अपराधियों ने महिला को निर्वस्त्र कर पीटा, हाथ काटा

भागलपुर : नाथनगर थाना क्षेत्र के शंकरपुर में बेखौफ दर्जन भर अपराधियों ने जमकर उत्पात मचाया. रंगदारी नहीं देने से गुस्साये बदमाश बंदूक के बल पर किसानों के खेत पर आ धमके. इस दौरान बदमाशों ने खेत की रखवाली कर रही एक महिला को पहले जम कर पीटा और फिर उसी की हंसिया से उसका […]

भागलपुर : नाथनगर थाना क्षेत्र के शंकरपुर में बेखौफ दर्जन भर अपराधियों ने जमकर उत्पात मचाया. रंगदारी नहीं देने से गुस्साये बदमाश बंदूक के बल पर किसानों के खेत पर आ धमके. इस दौरान बदमाशों ने खेत की रखवाली कर रही एक महिला को पहले जम कर पीटा और फिर उसी की हंसिया से उसका हाथ काट दिया. इससे भी मन नहीं भरा, तो महिला को निर्वस्त्र कर उसकी साड़ी का फंदा बनाकर उसके गले मे डाल दिया और दफनाने के लिए घसीटते हुए गंगा की तरफ ले जाने लगे. लेकिन, तब तक महिला के परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गये और अपराधी भाग खड़े हुए.
बदमाशों के तांडव से डरे सहमे लोग शनिवार की देर रात नाथनगर थाना पहुंचे और नौ नामजद सहित 14 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी, जिसमें दो महिलाएं भी शामिल हैं. घायल महिला उर्मिला देवी के पति सियाराम मंडल ने बताया कि उनकी 20 एकड़ जमीन है, जिसमें कलाय की फसल लगी है. उक्त जमीन पर अपराधियों की सालों से नजर है.
कुख्यात अपराधी झौआकोठी निवासी बिच्छो मंडल, अजय यादव, दशरथ यादव, दिनेश मंडल, सिंका यादव, पिंका यादव, लेंगड़ा यादव, भीम मंडल और बरारी निवासी अनिल मंडल आदि हथियार लेकर शनिवार को खेत पर पहुंच गये और खेत की रखवाली कर रही उर्मिला देवी को खेत छोड़ देने के लिए कहा. जब उर्मिला ने विरोध किया, तो सभी अपराधी उस पर टूट पड़े और बंदूक के कुंदे से उसे पीटने लगे. इसके बाद अपराधियों ने उसे निर्वस्त्र कर दिया और उसी की साड़ी का फंदा बना कर उसके गले में डाल घसीटते हुए गंगा नदी तरफ ले जाने लगे. आपस में बदमाश महिला को पानी में दफना देने की बात कह रहे थे. तब तक सूचना मिलने पर महिला के परिजन और ग्रामीण सभी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े. ग्रामीणों को आते देख बदमाश महिला को छोड़ भाग निकले.
सियाराम ने बताया कि मौके पर पहुंचने के बाद लोगों ने महिला को कपड़े दिये और घर लाया. तब तक उर्मिला बेहोश हो चुकी थी. इसके बाद सभी उसको लेकर सभी थाना पहुंचे जहां से उसे इलाज के लिए रेफरल अस्पताल भेजा गया. वहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे मायागंज रेफर कर दिया गया. मायागंज में रविवार को दोपहर में उसे होश आया. सियाराम ने बताया कि बदमाशों ने जयप्रकाश मंडल, विनोद मंडल, राम मंडल, संजय मंडल सहित दर्जनों किसानों से लेवी मांगी थी, मगर अपराधियों के डर से किसी ने पुलिस में शिकायत नहीं की.
मामले की शिकायत मिलते ही केस दर्ज हो गया है. अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है. पुलिस टीम शंकरपुर में लगातार गश्त कर रही है.
जनीफ उद्दीन, इंस्पेक्टर सह थानाप्रभारी नाथनगर

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

bhagalpur news. भागलपुर में विकसित होंगी राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं, धोनी और ईशान किशन की राह पर निकलेंगे नये सितारे

bhagalpur news. पुलिया हटाने के विरोध मामले में जांच करने पहुंचे एसडीएम व नाथनगर विधायक

bhagalpur news. समय पर पूरा करें प्रखंड में संचालित योजनाएं

bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

यह भी पढ़ें >