भागलपुर रेलवे स्टेशन ने एक नया कीर्तिमान अपने नाम किया है. पर्यावरण, जल और ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने के लिए इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आइजीबीसी) ने ग्रीन रेलवे स्टेशन परियोजना के तहत भागलपुर रेलवे स्टेशन को ‘सिल्वर’ रेटिंग प्रदान की है. ये रेटिंग ग्रीन रेलवे बिल्डिंग के मानकों पर पूरी तरह खरा उतरने के लिए दी गयी है. यानी, पर्यावरण, जल और ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में किये गये कार्यों के लिए इसका प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ है.
भागलपुर रेलवे स्टेशन सिल्वर रेटिंग मिली
मालदा रेल मंडल के अनुसार इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आइजीबीसी) ने इंडियन रेलवे के पर्यावरण निदेशालय के समर्थन से हरित अवधारणाओं को अपनाने की सुविधा के लिए ग्रीन रेलवे स्टेशन रेटिंग प्रणाली विकसित की है, जिससे स्टेशन संचालन और रखरखाव के कारण प्रतिकूल पर्यावरणीय प्रभावों को कम किया जा सके और समग्र यात्री अनुभव को बढ़ाया जा सके. रेटिंग प्रणाली जल संरक्षण, अपशिष्ट से निपटने, ऊर्जा दक्षता, जीवाश्म ईंधन के कम उपयोग पर निर्भरता के साथ स्वास्थ्य और कल्याण जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को संबोधित करने में मदद करती है. भागलपुर रेलवे स्टेशन का मूल्यांकन इस प्रणाली के अनुसार किया गया था और सिल्वर रेटिंग की मान्यता मिला है.
रेल मंडल के अधिकरियों बोले- गौरव की बात
इसको लेकर मंडल रेल के अधिकरियों ने बताया कि ये रेटिंग भागलपुर स्टेशन पर सुविधाओं और पर्यावरण को लेकर किये गये कार्यों के लिए दी गयी है. मालदा रेल मंडल के अधिकारियों समेत स्थानीय रेलवे अधिकारियों व कर्मचारियों की ओर से किये गये प्रयासों के बाद इतने बड़े पैमाने पर सुधार कार्य किये गये हैं. इस सुंदर इमारत को सिल्वर रेटिंग मिल गयी है. यह भागलपुर रेलवे के लिए गौरव की बात है.
इन सुविधाओं पर मिली रेटिंग
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सोलर प्लांट
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रैंप एक्सेस
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इलेक्ट्रिक चार्जिंग
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यूनिवर्सल डिजाइन हाउस और हाउस कीपिंग
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इको फ्रेंडली केमिकल
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रेन वाटर हार्वेस्टिंग
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ड्राइवेस्ट मैनेजमेंट
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कर्मचारियों के अनुकूल सुविधाएं
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स्वास्थ्य, स्वच्छता और स्वच्छता पहल
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ऊर्जा और जल संरक्षण के कुशल उपाय
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ऊर्जा संरक्षण
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परिसर में एलइडी लाइटिंग
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जल संरक्षण से पानी की बचत
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पर्यावरण संरक्षण के लिए उठाये गये कदम
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परिसर में वर्टिकल गार्डन का निर्माण
जानें, कब होता है सर्वे
इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल हर वर्ष इंडियन रेलवे स्टेशनों व इमारतों का सर्वे करता है. कुछ निर्धारित मापदंडों के आधार पर रेलवे स्टेशनों व इमारतों को अंक देता है. यह अंक 100 में से दिये जाते हैं. काउंसिल की ओर से रेलवे स्टेशनों को दी जाने वाली ये रेटिंग्स रेलवे स्टेशनों को पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाये कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करती है. ग्रीन कांसेप्ट को ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल में लाना काउंसिल के सर्वे का एकमात्र उद्देश्य है. रेलवे स्टेशनों व इमारतों पर ज्यादा से ज्यादा ग्रीन कांसेप्ट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल में लाया जाना है. ताकि पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके.
