भागलपुर शहर में पिछले दो माह से ठप पड़ा जलापूर्ति योजना का दूसरे फेज का काम एक बार फिर शुरू हो गया. पैसे के अभाव में काम बंद हो गया था. हाल ही में नगर विकास एवं आवास विभाग ने बुडको को 17 करोड़ रुपये दिया, जिससे काम शुरू हो पाया है. यह राशि दूसरे फेज का काम पूरा करने के लिए मिली है. हालांकि बुडको ने नगर विकास एवं आवास विभाग से 50 करोड़ रुपये की मांग की थी. फंड का आवंटन होने के साथ ही दूसरे फेज का काम शुरू कर दिया गया.
ट्रीटमेंट प्लांट पर खर्च होंगे 262 करोड़
खंजरपुर मार्ग में बड़े आकार का पाइप बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है. वहीं बरारी वाटर वर्क्स परिसर में बन रहे 90 एमएलडी क्षमता के ट्रीटमेंट प्लांट और इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में बननेवाले 190 एमएलडी के इंटेक वेल के बचे भाग का काम दो से तीन दिन में शुरू हो जायेगा. दूसरे फेज में जलापूर्ति योजना को पूरा करने की समयसीमा दिसंबर 2022 तय की गयी थी. लेकिन इस समयसीमा में काम पूरा होने की संभावना नहीं दिख रही है. बता दें कि दूसरे फेज में बनने वाले 190 एमएलडी वाले इंटक वेल और बरारी इंटक वेल परिसर में बनने वाले ट्रीटमेंट प्लांट पर लगभग 262 करोड़ की लागत आयेगी.
दूसरे फेज के काम की समयसीमा मार्च 2023 तक बढ़ी
शहर के पहले फेज के जलापूर्ति का काम धीरे-धीरे किया जा रहा है. पहले फेज में 460 किलोमीटर पाइप बिछाने और इसके अलावे 19 जलमीनार का काम पूरा करना है. लेकिन शहर में पाइप बिछाने का काम भी पूरा नहीं हो पाया है और न आधे जलमीनार का काम भी सही से पूरा हो रहा है. जलापूर्ति योजना के पहले फेज का काम सितंबर 2022 में ही पूरा करना था, लेकिन योजना पूरी नहीं हो पायी. अब इस योजना को मार्च 2023 तक पूरा करने के लिए आगे बढ़ा दिया गया है. इस योजना के लिए भी तीन करोड़ की राशि मिल गयी है.
पैसा मिलते शुरू हो गया है कामः सहायत अभियंता
बुडको भागलपुर के सहायत अभियंता अमित कुमार ने बताया कि विभाग ने दूसरे फेज के काम को शुरू करने के लिए 17 करोड़ का फंड आवंटित कर दिया गया. फंड के आवंटन होने के साथ ही दूसरे फेज का काम शुरू कर दिया गया. खंजरपुर मार्ग में बड़ा वाला पाइप बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है. वहीं बरारी वाटर वर्क्स परिसर में बन रहे 90 एमएलडी वाले ट्रीटमेंट प्लांट और इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में बननेवाले 190 एमएलडी के इंटक वेल के बचे भाग का काम दो से तीन शुरू हो जायेगा.
