आदिवासी दिवस पर जल, जंगल, जमीन के अधिकार और विकास की मांग उठी

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर चम्पापुर में एक विशाल जनसभा और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान आदिवासी समुदाय ने अपनी संस्कृति, अधिकारों की रक्षा और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया.

West Champaran News: रामनगर प्रखंड की बनकटवा करमहिया पंचायत के चम्पापुर दोन गांव में रविवार को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं जनसभा आयोजित की गई. कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में आदिवासी समुदाय के महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हुए. पारंपरिक पूजा-अर्चना, कर्मा-धर्मा लोकनृत्य और जनसभा के माध्यम से आदिवासी संस्कृति, अधिकार एवं क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया.

Ramnagar News: पारंपरिक पूजा-अर्चना से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक पूजा-अर्चना से हुई. महिलाओं ने अपने इष्ट देवता की पूजा कर समुदाय और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. इसके बाद महिलाओं ने कर्मा-धर्मा लोकनृत्य प्रस्तुत किया. ढोल की थाप और पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं की प्रस्तुति ने पूरे माहौल को आदिवासी संस्कृति के रंग में रंग दिया.

तीर-धनुष के साथ पुरुषों ने भी निभाई भागीदारी

सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान पुरुष भी पारंपरिक वेशभूषा में तीर-धनुष लेकर महिलाओं के साथ शामिल हुए. लोकनृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों के दौरान चम्पापुर दोन का पूरा क्षेत्र आदिवासी संस्कृति और परंपरा की जीवंत तस्वीर नजर आया.

जल, जंगल और जमीन के अधिकार पर जोर

जनसभा को संबोधित करते हुए आदिवासी समुदाय के वक्ताओं ने जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ी हुई है. इसलिए इनके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है.

सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा की समस्याएं उठाईं

कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समुदाय के लोगों ने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर भी आवाज उठाई. ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विकास योजनाओं को तेजी से लागू करने की मांग की.

एकजुटता का दिया संदेश

जनसभा में जिले के विभिन्न गांवों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने आदिवासी समाज की एकजुटता का संदेश दिया. वक्ताओं ने कहा कि समाज की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए भी लगातार प्रयास किया जाना चाहिए. कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ.

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By Prabhat khabar news desk

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