बेतिया की सड़कें: पश्चिम चंपारण में ग्रामीण सड़कों को बेहतर बनाने के लिए स्वीकृत करीब 600 करोड़ रुपये की 402 सड़क योजनाओं की रफ्तार राशि के अभाव में थम गयी है. मुख्यमंत्री ग्राम्य सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2024-25 और 2025-26 में स्वीकृत इन योजनाओं में 70 से 75 फीसदी से अधिक का एकरारनामा हो चुका है और डीपीआर विभाग को भेजे जा चुके हैं. इसके बावजूद करीब आठ माह से पर्याप्त राशि का आवंटन नहीं होने के कारण 80 फीसदी से अधिक योजनाएं लंबित हैं. अब तक करीब 40-50 करोड़ रुपये का ही भुगतान हो सका है, जबकि महज 15-20 फीसदी कार्य पूरा हुआ है.
बेतिया डिवीजन में 105 में 11 सड़कें पूरी
बेतिया ग्रामीण कार्य विभाग के तहत करीब 140 करोड़ रुपये की 105 सड़क योजनाएं स्वीकृत हैं. इनमें अब तक करीब 14 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है. 11 सड़कों का काम पूरा हो चुका है, जबकि 94 योजनाएं प्रक्रिया में हैं. संतघाट-पखनाहा की 11 किलोमीटर सड़क में करीब पांच किलोमीटर हिस्से का कालीकरण पूरा हो चुका है. शेष काम राशि के अभाव में रुका हुआ है. फतेहपुर-शनिचरी की आठ किलोमीटर सड़क और मझौलिया-महना चौक मार्ग समेत कई सड़कें भी प्रभावित हैं. कार्यपालक अभियंता राम कुमार सत्यार्थी ने बताया कि 11 कार्य पूर्ण और 94 प्रक्रिया में हैं.
नरकटियागंज में 178 में 44 योजनाएं पूरी
नरकटियागंज डिवीजन में करीब 178 करोड़ रुपये की 178 योजनाएं स्वीकृत हैं. इनमें अब तक लगभग 22 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है. कार्यपालक अभियंता श्रीमांशु राज के अनुसार 44 योजनाओं का काम पूरा हो चुका है और इनमें सरफेस कार्य भी किया जा चुका है. वहीं 134 योजनाओं में अभी सरफेस कार्य बाकी है.
बगहा में 161 योजनाओं का काम प्रभावित
बगहा-1 और बगहा-2 ग्रामीण कार्य विभाग के तहत 150 करोड़ रुपये से अधिक की 161 योजनाएं स्वीकृत हैं. इनमें अब तक महज 15 फीसदी काम पूरा हो सका है. शेष योजनाएं फंड के अभाव में लंबित हैं. यहां करीब 20 करोड़ रुपये के भुगतान की जानकारी है.
अधीक्षण अभियंता का पद अतिरिक्त प्रभार में
पश्चिम चंपारण ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता का पद फिलहाल पूर्वी चंपारण के कार्यपालक अभियंता के अतिरिक्त प्रभार में है. मामले में उनका पक्ष जानने के लिए फोन किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका. विभागीय स्तर पर राशि मिलने के बाद लंबित योजनाओं में तेजी आने की उम्मीद है.
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