Valmikinagar News: सावन माह की शुरुआत से ठीक पहले रविवार और सोमवार को वाल्मीकिनगर और आसपास के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों का बड़ा जमावड़ा देखने को मिला. दूर-दराज से पहुंचे लोगों ने परिवार और दोस्तों के साथ प्राकृतिक वादियों में वनभोज का आनंद लिया, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिव मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे.
पूरे दिन वाल्मीकिनगर में पर्यटन और धार्मिक आस्था का अनोखा संगम देखने को मिला.
कई पर्यटकों ने कहा- अब पूरा सावन रहेगा सात्विक
वनभोज के लिए पहुंचे कई पर्यटकों ने इसे सावन शुरू होने से पहले का अपना अंतिम मांसाहारी भोजन बताया.
उन्होंने कहा कि अब पूरे सावन माह वे सात्विक भोजन करेंगे और भगवान शिव की आराधना में समय बिताएंगे.
गंडक बराज से लेकर वाल्मीकि आश्रम तक रही चहल-पहल
पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के आसपास स्थित गंडक बराज, नरदेवी मंदिर, जटाशंकर महादेव मंदिर और वाल्मीकि आश्रम में दिनभर बनी रही.
दर्शन-पूजन के बाद लोग गंडक नदी के तट और हरियाली से घिरे प्राकृतिक स्थलों पर समय बिताते नजर आए.
कई जिलों और नेपाल सीमा तक दिखी रौनक
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर, कप्तानगंज तथा बिहार के सिवान, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों से पर्यटक वाल्मीकिनगर पहुंचे.
सिवान के अवधेश कुमार सिंह और अनुराधा सिंह, कुशीनगर के मनोज कुमार शुक्ला और वीरेंद्र प्रसाद, तथा मुजफ्फरपुर के सिद्धार्थ चौधरी और मनोकामना कुमारी ने बताया कि वे सावन शुरू होने से पहले वनभोज के लिए आए हैं. अब पूरा महीना सात्विक आहार अपनाकर भगवान शिव की पूजा करेंगे.
पर्यटन कारोबार को भी मिली रफ्तार
हालांकि मानसून के कारण जंगल सफारी फिलहाल बंद है, फिर भी वाल्मीकिनगर की हरियाली, गंडक नदी का मनोरम दृश्य और शांत प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है.
बढ़ती पर्यटक संख्या से होटल, रेस्तरां, वाहन संचालकों और स्थानीय कारोबारियों में भी उत्साह देखा गया. वहीं, सीमावर्ती नेपाल के बाजारों में भी खरीदारी को लेकर अच्छी रौनक रही. स्थानीय लोगों का मानना है कि सावन से पहले उमड़ी यह भीड़ क्षेत्र के पर्यटन कारोबार के लिए सकारात्मक संकेत है.
