Gandak Barrage Water Discharge: नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के निचले इलाकों के लिए अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. जल संसाधन विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है. हालांकि, राहत की बात यह है कि नारायणी नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान तक नहीं पहुंचा है.
Valmikinagar Flood Alert: नेपाल से आ रहे पानी और जलस्तर पर पल-पल की निगरानी
जल संसाधन विभाग नेपाल की ओर से नदी में छोड़े जा रहे पानी की मात्रा पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है. अधिकारियों का कहना है कि नेपाल में बढ़े जलप्रवाह का असर निचले इलाकों में गंडक नदी के बहाव पर पड़ सकता है. इसी आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को रियल टाइम अपडेट दिया जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके.
Flood Nepal Impact: बराज से डिस्चार्ज होने वाले पानी की मात्रा में आई कमी
राहत की खबर यह है कि वाल्मीकिनगर गंडक बराज से छोड़े जाने वाले पानी के डिस्चार्ज में गिरावट दर्ज की गई है. बुधवार रात 11 बजे जहां बराज से करीब 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, वहीं गुरुवार को यह घटकर लगभग 1 लाख क्यूसेक रह गया. पानी के डिस्चार्ज में कमी आने से फिलहाल तटीय इलाकों के ग्रामीणों ने थोड़ी राहत की सांस ली है.
मैदानी इलाकों में फैलने से कम होता है तेज बाढ़ का खतरा
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाला पानी मैदानी इलाकों में पहुंचने के बाद व्यापक रूप से फैल जाता है. इसके कारण पहाड़ी इलाकों की तुलना में मैदानी और तटीय क्षेत्रों में तेज बहाव वाली अचानक बाढ़ का खतरा अपेक्षाकृत कम हो जाता है.
निचले इलाकों में सतर्कता बरतने के निर्देश
खतरा कम होने के बावजूद निचले और तटीय इलाकों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर है. गंडक नदी के तटीय क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है और संबंधित अधिकारियों को हर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं.
