एसडीजेएम न्यायालय बगहा ने साइबर अपराध मामले के दो अभियुक्त को दो-दो साल का कारावास, 10 हजार रुपये अर्थदंड की सुनाई सजा

न्यायालय अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी बगहा आलोक कुमार चतुर्वेदी, रामनगर थाना कांड संख्या 430/24 17 सितंबर 2024 धारा 303(2), 318 (2) भारतीय न्याय संहिता दो-दो साल का साधारण कारावास तथा 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है.

बगहा. न्यायालय अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी बगहा आलोक कुमार चतुर्वेदी, रामनगर थाना कांड संख्या 430/24 17 सितंबर 2024 धारा 303(2), 318 (2) भारतीय न्याय संहिता दो-दो साल का साधारण कारावास तथा 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है. अगर अर्थदंड की भुगतान नहीं किया गया तो एक-एक माह अतिरिक्त सजा सुनाई गयी है. राज्य द्वारा सूचक अरमान मियां पिता नामालूम साकिन-मठिया, थाना रामनगर, जिला प. चंपारण निवासी है. अजीत कुमार विद्वान अभियोजन पदाधिकारी ने बताया कि अभियुक्त सतीश कुमार पिता विभूति प्रसाद साकिन खंडेसर घुघली, थाना घुघली, जिला महराजगंज उत्तर प्रदेश तथा दूसरा अभियुक्त असलम हुसैन पिता मेराजुल हक साकिन झिटकहिया, थाना आदापुर, जिला पूर्वी चंपारण मोतिहारी निवास है. बचाव पक्ष विद्वान अधिवक्ता कमरान अजीज है. अजीत कुमार ने बताया कि अभियुक्त सतीश कुमार तथा असलम हुसैन को अपराधी परिवीक्षा अधिनियम का लाभ दिये जाने से इंकार किया जाता है. अभियुक्तगण सतीश कुमार तथा असलम हुसैन को धारा 303 (2) भारतीय न्याय संहिता चोरी के लिए दंड एवं धारा 318 (2) भारतीय न्याय संहिता छल के लिए दंड के आरोप के लिए दोष सिद्ध किया गया है. धारा 303 (2) भारतीय न्याय संहिता चोरी के लिए दंड के आरोप के लिए अभियुक्तगण सतीश कुमार तथा असलम हुसैन को दो-दो वर्ष के साधारण कारावास एवं 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया जाता है. अर्थ दंड देने से व्यतिक्रम (उल्लंघन) करने पर एक-एक माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा दी जाती है. धारा 318 (2) भारतीय न्याय संहिता छल के लिए दंड के आरोप के लिए अभियुक्तगण सतीश कुमार व असलम हुसैन को दो-दो वर्ष के साधारण कारावास एवं 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया जाता है. अर्थ दंड देने से व्यतिक्रम करने पर एक एक माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा दी जाती है. उन्होंने बताया कि सभी सजाएं एक साथ चलाई जाएगी तथा अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर अतिरिक्त साधारण कारावास की सजाएं क्रमवर्ती चलाई जाएगी. अपील की अवधि समाप्त हो जाने पर या अपीलीय न्यायालय के आदेशानुसार आदेश व निर्णय के अधीन इस मामले के जब्त सभी प्रदर्शों को संरक्षित करने का आदेश दिया जाता है. इस दौरान रामनगर इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष ललन कुमार, एपीओ कार्तिकेय शिवम, रामप्रीत दास, मुकेश कुमार दास आदि शामिल रहे.

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Author: SATISH KUMAR

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