Valmikinagar Tiger Operation: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के भेड़िहारी जंगल से निकलकर किसान विजय हालदार पर जानलेवा हमला करने वाला बाघ अब तक वन विभाग की पकड़ से बाहर है. बाघ लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है, जिससे वन विभाग की टीमों के लिए उसे ट्रैक करना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है. बाघ के खौफ से सीमावर्ती गांवों में दहशत का माहौल है और ग्रामीण शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं.
गन्ने के खेत में घास काट रहे किसान पर किया था जानलेवा हमला
उल्लेखनीय है कि स्वतंत्रता दिवस के दिन भेड़िहारी कॉलोनी निवासी किसान विजय हालदार गन्ने के खेत में घास काट रहे थे. इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर अचानक हमला कर दिया, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी. इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से ही वन विभाग इलाके में हाई अलर्ट मोड पर है.
बाघ को सुरक्षित ट्रैप करने के लिए वन विभाग ने झोंकी ताकत
हिंसक बाघ को सुरक्षित पकड़ने के लिए वन विभाग ने आधुनिक तकनीकों के साथ व्यापक स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया है:
- ड्रोन व ट्रैप कैमरे: संभावित ठिकानों पर हाई-रिजॉल्यूशन ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं और घने इलाकों की ड्रोन से निगरानी की जा रही है.
- पिंजरा और मचान: घटनास्थल के समीप मचान बनाए गए हैं तथा पिंजरे में चारे के रूप में छोटे पशु रखे गए हैं.
- ट्रेंकुलाइजर टीम: वनकर्मियों की विशेष टीम ट्रेंकुलाइजर गन के साथ तैनात है, जो पगमार्क मिलते ही घेराबंदी तेज कर देती है.
लाउडस्पीकर से मुनादी कराकर ग्रामीणों को किया जा रहा सतर्क
वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार के नेतृत्व में वनकर्मी लगातार जंगलों और ग्रामीण इलाकों में गश्त कर रहे हैं. ग्रामीणों की सुरक्षा के मद्देनजर लाउडस्पीकर से लगातार मुनादी कराई जा रही है. लोगों को अंधेरा होने के बाद घरों से बाहर न निकलने और खेतों की तरफ अकेले नहीं जाने की सख्त हिदायत दी गई है.
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