वनकर्मियों को भालू ने खूब छकाया, ट्रेंकुलाइज कर किया रेस्क्यू

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल से भटककर एक भालू अचानक सोमवार को सुबह 10 बजे नौरंगिया-दरदरी पंचायत के केरई गांव में पहुंच गया.

हरनाटांड़ (पचं). वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल से भटककर एक भालू अचानक सोमवार को सुबह 10 बजे नौरंगिया-दरदरी पंचायत के केरई गांव में पहुंच गया. गांव में जैसे ही लोगों ने भालू को देखा, चारों ओर अफरातफरी मच गयी. उससे बचने के लिए लोग घरों में बंद हो गए. कई लोग छतों पर चढ़ गए. कुछ लोग हो-हल्ला करने लगे. इस डर के बीच भी कई लोग मोबाइल लेकर वीडियो बनाते नजर आए. ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी. सूचना के बाद मदनपुर वन प्रक्षेत्र के वनपाल व वनरक्षी के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम पहुंची. घंटों की मशक्कत के बाद ट्रेंकुलाइज कर भालू को बेहोश किया गया. सुरक्षित रेस्क्यू कर वीटीआर के संरक्षित जंगल में ओर छोड़ दिया गया. इस दौरान पूरे गांव में तमाशा सा माहौल बना रहा. बड़े, बच्चे, बूढ़े, महिलाएं सब छतों से झांकते रहे.

घंटों चला वन कर्मियों की रेस्क्यू ऑपरेशन

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सुबह से ही भालू गांव में इधर-उधर घूम रहा था. कभी खेतों की मेड़ पर, तो कभी मुख्य सड़क पर दौड़ लगा रहा था. फिर वह केरई गांव के बाहर दिखा. धीरे-धीरे खेत होते हुए बस्ती की तरफ बढ़ गया. कुछ देर बाद केरई गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास पहुंच गया. वहां बच्चों ने देख शोर मचाना शुरू कर दिया. बच्चों की पुकार सुनकर ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर भालू की ओर दौड़े. तब तक भालू सहदेव के घर में घुस गया. कुछ समय बाद टाट फाड़ कर फिर भाग गया. सरेह की तरफ से लोगों ने हो हल्ला किया. इस बीच किशुन मुसहर के घर में घुस गया. तब तक वन कर्मियों की टीम ने चारों तरफ जाल बिछाकर घेराबंदी कर ली. रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने भालू का रेस्क्यू कर लिया.

मदनपुर वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी नसीम अंसारी ने बताया कि भालू को सुरक्षित रेस्क्यू कर पिंजरा में रख दिया गया. वरीय अधिकारी को इसकी सूचना दी गयी है. डॉक्टर की टीम ने जांच की. वरीय अधिकारी के दिशा निर्देश पर भालू को सुरक्षित वीटीआर के संरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया.

किसी पर हमला नहीं किया

केरई गांव समेत आसपास का इलाका वीटीआर के जंगलों से सटा हुआ है. ऐसे में अक्सर जंगली जानवर रिहायशी इलाकों में आ जाते हैं. भ्रमण कर वापस जंगल में चले जाते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह वही भालू हो सकता है, जो कुछ दिन पहले बगहा के महिला थाना के पास देखा गया था. उसके बाद रविवार को सुबह मदनपुर-पनियहवा मुख्य सड़क के सालिकपुर रेता में देखा गया था. शाम में पनियहवा पुल के निचले हिस्से में दिखायी दिया था.

कोट-

पशु चिकित्सक डॉ संजीव धुरा की अगुवाई में ट्रेंकुलाइज कर भालू को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया गया है. गांव के किसी भी व्यक्ति को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है. लोग घबराएं नहीं और खुद से कोई कदम उठाने के बजाय वन विभाग को तुरंत सूचना दें. वन विभाग हर संभव प्रयास कर जंगली जानवरों का रेस्क्यू कर लेगा.

डॉ. नेशामणि के, वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक वीटीआर

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Author: SATISH KUMAR

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