Bagaha News: बगहा में भारतीय थारू कल्याण महासंघ के वरिष्ठ नेता और समाजसेवी दीप नारायण प्रसाद के निधन से थरुहट क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है. उनके निधन को थारू समाज के लिए एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है.
थारू समाज के अधिकारों के लिए किया संघर्ष
पूर्व विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि दीप नारायण प्रसाद ने जीवनभर सामाजिक और जनजातीय अधिकारों के लिए संघर्ष किया. उन्होंने थारू समाज को संगठित करने और उसके अधिकार दिलाने में अहम भूमिका निभाई.
समाजसेवी सुशील प्रसाद शशांक ने कहा कि उन्होंने थरुहट क्षेत्र में जागरूकता और संघर्ष का जो दीप जलाया था, उसी का परिणाम है कि आज समाज में जागरूकता बढ़ी है.
कटहरवा गोलीकांड में दिलाया न्याय
दीप नारायण प्रसाद ने कटहरवा गोलीकांड के पीड़ित थारू परिवारों को न्याय दिलाने के लिए लंबा संघर्ष किया था. इसके साथ ही उन्होंने थारू जाति को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलाने के लिए राज्य और केंद्र सरकार के समक्ष लगातार आवाज उठाई.
वनाधिकार कानून को लागू कराने में निभाई भूमिका
थरुहट क्षेत्र में वनाधिकार कानून को प्रभावी ढंग से लागू कराने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही. समाज के लोगों ने कहा कि वह केवल नेता नहीं, बल्कि थारू समाज की मजबूत आवाज थे.
उनके निधन पर कई सामाजिक, राजनीतिक और जनप्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की. लोगों ने कहा कि उनका जाना समाज और क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है.
बगहा से इजरायल अंसारी की रिपोर्ट
