10 फीट के अजगर को देखकर मची अफरा-तफरी, सूचना के घंटों बाद भी नहीं पहुंची रेस्क्यू टीम

पश्चिम चंपारण के बहुअरवा में घनी आबादी के बीच 10 फीट लंबा अजगर मिलने से हड़कंप मच गया. ग्रामीण रात भर जागते रहे, लेकिन घंटों बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची. ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे तत्काल रेस्क्यू की मांग कर रहे हैं.

West Champaran News: पश्चिम चंपारण के योगापट्टी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बहुअरवा पंचायत के वार्ड संख्या 13 स्थित समसुल मियां टोला में गुरुवार की देर रात उस समय भारी अफरातफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब घनी आबादी के बीच करीब दस फीट लंबा एक विशालकाय अजगर रेंगता हुआ देखा गया. रिहायशी इलाके में इतने बड़े अजगर के अचानक निकल आने से स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया. देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई. अजगर को देख बच्चों, महिलाओं और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर पूरे गांव में खौफ का माहौल बना हुआ है.

गुफरान इंटरप्राइजेज के पास दिखा 10 फीट लंबा अजगर

स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार की देर रात स्थानीय निवासी गुफरान अंसारी के घर के सामने स्थित 'गुफरान इंटरप्राइजेज' प्रतिष्ठान के समीप कुछ ग्रामीणों की नजर इस विशाल अजगर पर पड़ी. टार्च की रोशनी में जब ग्रामीणों ने करीब 10 फीट लंबे अजगर को रेंगते देखा, तो शोर मचाना शुरू कर दिया. शोर सुनकर आसपास के दर्जनों ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर जुट गए. हालांकि ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए अजगर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया और उसे एक स्थान पर घेरे रखा.

वन विभाग की टीम नहीं पहुंची, ग्रामीणों में गहरा आक्रोश

गांव के बीचों-बीच अजगर मिलने की जानकारी ग्रामीणों ने तत्काल दूरभाष के माध्यम से वन विभाग के अधिकारियों को दी और शीघ्र रेस्क्यू टीम भेजने का अनुरोध किया. लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना दिए जाने के कई घंटे बीत जाने के बावजूद वन विभाग का कोई भी रेस्क्यू दल या वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा. विभाग की इस घोर लापरवाही और उदासीनता के कारण ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है. ग्रामीणों का कहना है कि रिहायशी बस्ती होने के कारण छोटे बच्चों और खूंटे से बंधे मवेशियों पर लगातार जानलेवा खतरा मंडरा रहा है.

खबर लिखे जाने तक नहीं हो सका था रेस्क्यू

इलाके में अजगर निकलने की घटना के बाद से ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं. खबर लिखे जाने तक अजगर का रेस्क्यू नहीं किया जा सका था और वह उसी क्षेत्र में मौजूद था. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वन विभाग के वरीय अधिकारियों से मांग की है कि तत्काल विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम को गांव में भेजकर अजगर को सुरक्षित पकड़वाया जाए.

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लेखक के बारे में

By गणेश वर्मा

गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।

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