चीनी मिलें चालू नहीं हुईं तो होगा आंदोलन, नौतन में ईख उत्पादक संघ की बैठक में 21 सितंबर की सभा का ऐलान

बिहार राज्य ईख उत्पादक संघ की नौतन अंचल कमिटी की बैठक में गन्ना किसानों की समस्याओं और चीनी मिलों को लेकर कड़े तेवर दिखाए गए. 21 सितंबर को सासामुसा चीनी मिल को बचाने के लिए विरोध सभा का ऐलान किया गया है.

West Champaran News: नौतन. श्यामपुर कोतराहा पंचायत में बिहार राज्य ईख उत्पादक संघ की नौतन अंचल कमिटी की विस्तारित बैठक जिला अध्यक्ष लालबाबू यादव के आवास पर आयोजित हुई. बैठक में गन्ना किसानों की समस्याओं, बंद चीनी मिलों और भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गयी. संघ के पदाधिकारियों ने किसानों के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया.

बैठक को अखिल भारतीय गन्ना किसान महासंघ के राष्ट्रीय वित्त सचिव सह बिहार राज्य ईख उत्पादक संघ के महासचिव प्रभुराज नारायण राव ने संबोधित किया. उन्होंने कहा कि देश में गन्ना किसानों की स्थिति बेहतर नहीं है और किसानों को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है.

Nautan News: चीनी की कीमत और किसानों के मुद्दे पर चर्चा

प्रभुराज नारायण राव ने बैठक में चीनी की बढ़ती कीमत और बाजार में जमाखोरी को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी की कीमत बढ़ने का लाभ किसानों को अपेक्षित रूप से नहीं मिल रहा है.

उन्होंने गन्ना किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से आवश्यक कदम उठाने की मांग की. बैठक में किसानों की आर्थिक स्थिति और गन्ने की खेती से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा हुई.

भारत-अमेरिका कृषि समझौते पर जताया विरोध

बैठक में भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते को लेकर भी संघ की ओर से विरोध जताया गया. संघ के पदाधिकारियों ने कृषि क्षेत्र से जुड़े संभावित प्रभावों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की.

हाल के महीनों में देश के विभिन्न किसान संगठनों की ओर से भी भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में कृषि क्षेत्र को लेकर आपत्तियां उठायी गयी हैं. वहीं केंद्र सरकार ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि संवेदनशील कृषि क्षेत्रों में किसानों के हितों की सुरक्षा की जाएगी.

बंद चीनी मिलों को चालू करने की मांग

बैठक में बिहार की बंद चीनी मिलों को चालू नहीं किये जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया. संघ के नेताओं ने कहा कि राज्य में चीनी मिलों को चालू करने की घोषणाओं के बावजूद कई मिलें अब भी बंद हैं.

उन्होंने कहा कि चीनी मिलों के संचालन से गन्ना किसानों के साथ-साथ मजदूरों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिल सकता है. संघ की ओर से बंद मिलों को चालू करने की मांग लंबे समय से उठायी जाती रही है.

सासामुसा चीनी मिल को लेकर 21 सितंबर को सभा

बैठक में सासामुसा चीनी मिल को कबाड़ी के हाथों बेचने के विरोध में 21 सितंबर को सासामुसा स्टेशन चौक पर विरोध सभा आयोजित करने की घोषणा की गयी.

सासामुसा मिल को लेकर हाल के महीनों में पुनः संचालन और किसानों के बकाये भुगतान का मुद्दा भी सामने आया है. जून 2026 में बिहार कैबिनेट ने मिल से जुड़े किसानों के करीब 43 करोड़ रुपये के लंबित गन्ना मूल्य भुगतान को मंजूरी दी थी. वहीं मिल को पुनः चालू कराने की दिशा में भी सरकारी स्तर पर पहल की बात सामने आयी है.

बैठक में कई सदस्यों ने रखी अपनी बात

बैठक की अध्यक्षता पूर्व मुखिया अंबिका यादव ने की. मौके पर लालबाबू यादव, मो. हनीफ, शंकर कुमार राव, संजय राव, प्रेम प्रसाद, अमरजीत यादव, सूर्यबली यादव, मुना अंसारी, शिवजी भगत और बीरबहादुर सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे.

बैठक में गन्ना किसानों की समस्याओं, चीनी मिलों के संचालन और कृषि से जुड़े मुद्दों पर संगठन की आगे की गतिविधियों को लेकर भी चर्चा की गयी.

ये भी पढ़ें: जिस BHU से पढ़ाई की, अब उसी में बनीं सहायक प्रोफेसर, फतेहपुर की बेटी डॉ. श्वेता पांडेय ने रचा इतिहास

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By राजकुमार पासवान

राजकुमार पासवान वर्ष 2001 से पश्चिम चंपारण के नौतन प्रखंड में सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. इन्होंने दस्यु सरगनाओं के आतंक, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर अपनी अलग पहचान बनाई. वर्तमान में वे प्रभात खबर से संवाददाता के रूप में जुड़े हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >