Teacher Day: पश्चिम चंपारण समेत बिहार के सभी विद्यालयों में शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को आपदा प्रबंधन आधारित पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी. बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव मो. वारिस खान के निर्देश पर होने वाली इस प्रतियोगिता का उद्देश्य स्कूली बच्चों को आगलगी से बचाव, सावधानी और राहत कार्यों के प्रति जागरूक करना है. प्रतियोगिता के निर्देश बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक और सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को भेजे गए हैं.
बच्चों की तूलिका से मिलेगा आग से बचाव का संदेश
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को आग लगने के कारणों, उससे बचाव के उपायों, जरूरी सावधानियों और राहत कार्यों पर चित्र बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा. पेंटिंग के जरिए बच्चों को आगलगी के दौरान सुरक्षित रहने और दूसरों की मदद करने के तरीकों को समझाने का प्रयास किया जाएगा.
फायर ब्रिगेड से लेकर रसोई की सतर्कता तक होंगे विषय
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश के अनुसार बच्चों की पेंटिंग के विषय रोजमर्रा की सुरक्षा से जुड़े होंगे. विद्यार्थी आग बुझाते फायर ब्रिगेड, रसोई में बरती जाने वाली सावधानी, आग लगने पर सुरक्षित स्थान तक पहुंचने के उपाय और राहत-बचाव जैसे विषयों को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित कर सकेंगे.
खेतों में ठूंठ नहीं जलाने का भी मिलेगा संदेश
प्रतियोगिता में खेतों में फसल अवशेष या ठूंठ जलाने से होने वाले अग्निकांड के प्रति भी जागरूकता बढ़ाने पर जोर रहेगा. बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया जाएगा कि छोटी सी लापरवाही भी बड़ी आगलगी का कारण बन सकती है.
स्कूल स्तर पर विजेता बच्चों को किया जाएगा पुरस्कृत
प्रतियोगिता के बाद प्रत्येक विद्यालय में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत करने का निर्देश दिया गया है. इससे बच्चों में आपदा प्रबंधन और अग्नि सुरक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ जागरूकता को भी प्रोत्साहित किया जाएगा.
आयोजन की रिपोर्ट भी देनी होगी
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने विद्यालयों में प्रतियोगिता के आयोजन के बाद इसकी जानकारी संबंधित स्तर पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. संबंधित विभागों को यह बताना होगा कि कितने विद्यालयों में प्रतियोगिता आयोजित की गई और कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी कैसी रही.
सुरक्षित बिहार की दिशा में जागरूकता की पहल
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार यह प्रतियोगिता केवल चित्रकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के माध्यम से परिवार और समाज तक अग्नि सुरक्षा का संदेश पहुंचाने की पहल है. बच्चों में जागरूकता बढ़ने से वे घर और आसपास के लोगों को भी आग से बचाव के उपायों के प्रति सतर्क कर सकेंगे.
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