Valmikinagar News: वाल्मीकिनगर. भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए एसएसबी 21वीं वाहिनी, बगहा में शनिवार को NDPS Act के तहत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) पर कार्यशाला आयोजित की गयी. कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में वाहिनी के अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी और जवान शामिल हुए.
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में कार्रवाई के दौरान कानूनी प्रावधानों और निर्धारित प्रक्रिया की जानकारी देना था. इस दौरान तलाशी, जब्ती, नमूने के संरक्षण और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जवानों को जानकारी दी गयी.
NDPS Act के तहत कानूनी प्रक्रिया की दी जानकारी
सिविल कोर्ट, बेतिया के विशेष लोक अभियोजक (NDPS Act) संतोष कुमार शर्मा ने जवानों को मादक पदार्थों से संबंधित मामलों में लागू कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया.
उन्होंने तलाशी और जब्ती की निर्धारित प्रक्रिया, जब्त किये गये पदार्थों के नमूने को सुरक्षित रखने, आवश्यक दस्तावेज तैयार करने और न्यायिक प्रक्रिया के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझाया. उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कानून की बारीकियों का पालन करना जरूरी है.
तलाशी और जब्ती के दौरान सावधानी पर जोर
कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में कार्रवाई करते समय निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाये. तलाशी और जब्ती के दौरान तैयार किये जाने वाले दस्तावेजों और जब्त पदार्थों के नमूनों के सुरक्षित संरक्षण को भी महत्वपूर्ण बताया गया.
इस दौरान जवानों ने NDPS Act से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल पूछे और अपनी शंकाओं का समाधान किया.
अधिवक्ताओं और पुलिस अधिकारियों ने भी लिया हिस्सा
कार्यशाला में अधिवक्ता सुजीत कुमार, दीपू पांडेय और मिहिर चंद्रा के अलावा लौकरिया थाने के मुकेश कुमार सिंह, नौरंगिया थाने की सिंपी कुमारी और पटखौली थाने की कुमकुम कुमारी ने भी सहभागिता की.
विशेष लोक अभियोजक और अन्य विशेषज्ञों ने जवानों को मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई के दौरान आने वाली प्रक्रियात्मक चुनौतियों के बारे में जानकारी दी.
सीमा पर तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया जरूरी
अधिकारियों ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में सतर्कता के साथ कानूनी प्रक्रिया का पालन भी जरूरी है. NDPS Act के प्रावधानों की सही जानकारी होने से कार्रवाई को निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
समापन के दौरान कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत ने कार्यशाला में शामिल अतिथियों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं से जवानों की विधिक समझ और कार्यकुशलता बढ़ेगी. साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी.
