पश्चिम चंपारण: खेतों की मिट्टी की सेहत सुधारने और फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए नरकटियागंज सुगर मिल्स ने पहल शुरू की है. अब किसानों को मिट्टी जांच रिपोर्ट समझने के लिए सिर्फ सॉयल हेल्थ कार्ड पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. मिल क्षेत्र के गांवों में प्रमुख स्थानों की दीवारों पर पेंटिंग के माध्यम से मिट्टी जांच के नतीजे सार्वजनिक किये जा रहे हैं.
पोषक तत्वों की कमी और खाद की मात्रा की जानकारी
कार्यपालक अध्यक्ष रविन्द्र कुमार तिवारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य किसानों को जमीन में मौजूद पोषक तत्वों की स्थिति से अवगत कराना और सॉयल हेल्थ कार्ड की अनुशंसा के अनुसार खाद व उर्वरक के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करना है.
दीवारों पर नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश समेत विभिन्न पोषक तत्वों की कमी तथा जरूरत के अनुसार खाद डालने की जानकारी दी जा रही है. इससे किसानों को अपनी मिट्टी की स्थिति के अनुसार खाद और उर्वरक के इस्तेमाल की जानकारी मिल सकेगी.
कार्ड खोने वाले किसानों को भी मिलेगा लाभ
कार्यपालक उपाध्यक्ष राजीव कुमार त्यागी ने बताया कि सॉयल हेल्थ कार्ड खोने या उसमें दी गयी तकनीकी जानकारी को समझने में परेशानी वाले किसानों को भी इस पहल का लाभ मिलेगा. दीवारों पर जानकारी उपलब्ध होने से किसान मिट्टी की स्थिति के अनुसार खेती कर सकेंगे.
उन्होंने बताया कि इससे कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल करने के साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी.
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