Snake Rescue: हरनाटांड़ के वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र स्थित गोनौली वन क्षेत्र में मंगलवार की रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक घर के पास एक साथ दो विषैले सांप निकल आए. बरसात के मौसम में जंगल से सटे इलाकों में सांपों की बढ़ती आवाजाही के बीच वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया. प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यूअर ने दोनों सांपों को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ दिया.
घर के बाहर दिखे दो विषैले सांप
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब नौ बजे गोनौली वन क्षेत्र निवासी नितेश कुमार के घर के पास दो विषैले सांप दिखाई दिए. सांपों को देखते ही परिवार के लोग तुरंत घर से बाहर निकल आए. देखते ही देखते आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जुट गए और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया.
स्नेक रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित पकड़े दोनों सांप
सूचना मिलते ही गोनौली वन प्रक्षेत्र के प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यूअर मुरारी कुमार मौके पर पहुंचे. उन्होंने पूरी सावधानी और तकनीकी कौशल के साथ दोनों सांपों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया. इसके बाद दोनों सांपों को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया. रेस्क्यू पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली.
बरसात में बढ़ जाती है सांपों की गतिविधि
वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी राजकुमार ने बताया कि बरसात के दौरान बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप और अन्य वन्यजीव सुरक्षित स्थान की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर निकल आते हैं. गोनौली वन क्षेत्र जंगल से सटा इलाका है, इसलिए यहां इस मौसम में ऐसे मामले बढ़ जाते हैं.
वन विभाग की लोगों से खास अपील
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि घर या आसपास सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं और न ही उसे मारने या पकड़ने की कोशिश करें. इसकी सूचना तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को दें. विभाग ने बरसात के मौसम में घरों के आसपास झाड़ियों की सफाई रखने, रात में टॉर्च का उपयोग करने और बच्चों को खुले स्थानों पर नंगे पैर नहीं जाने देने की भी सलाह दी है.
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