वाल्मीकिनगर: जटाशंकर धाम में लगने वाले श्रावणी मेले को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. सावन के पवित्र महीने में लाखों श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने संयुक्त रूप से मेला क्षेत्र, कांवरिया पथ, त्रिवेणी संगम घाट और प्रमुख शिवालयों का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लिया. अधिकारियों ने भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की.
मेला क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस और एसएसबी की तैनाती
वाल्मीकिनगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि इस वर्ष श्रावणी मेले की सुरक्षा व्यवस्था को पहले की तुलना में और अधिक मजबूत बनाया गया है. मेला परिसर, कांवरिया मार्ग, त्रिवेणी संगम घाट और प्रमुख मंदिरों में अतिरिक्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मियों और एसएसबी के जवानों की तैनाती की गई है. पूरे मेले के दौरान 24 घंटे गश्त और निगरानी की व्यवस्था रहेगी.
भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक के लिए विशेष प्लान
प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और यातायात संचालन के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की है. संवेदनशील स्थानों पर दंडाधिकारियों की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत और प्रभावी ढंग से निपटा जा सके. अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया है.
गंडक बैराज और संवेदनशील इलाकों पर रहेगी खास नजर
एसएसबी के निरीक्षक लोकेश बनिया ने बताया कि पिछले वर्षों के अनुभवों को देखते हुए इस बार गंडक बैराज और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है. हर गतिविधि पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी तरह की चूक न हो.
श्रद्धालुओं की सुविधाओं के भी किए गए इंतजाम
मंदिर समिति ने दावा किया है कि श्रावणी मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. जलाभिषेक के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, सुचारु दर्शन व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. प्रशासन और मंदिर समिति के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सहज वातावरण में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक का अवसर मिल सके.
गौरतलब है कि नारायणी (गंडक) नदी के तट स्थित त्रिवेणी संगम पर हर वर्ष श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान कर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं. इसी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है.
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