Bagaha Kadahi Puja: नगर के वार्ड संख्या 16 स्थित पारस नगर के बऊ की माई स्थान पर सावन माह के उपलक्ष्य में वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार कड़ाही पूजा का आयोजन श्रद्धा, उल्लास और अटूट आस्था के साथ संपन्न हुआ. स्थानीय लोगों के अनुसार, इस पवित्र स्थल पर पिछले लगभग 100 वर्षों से श्रावण मास में कड़ाही पूजा करने की समृद्ध परंपरा अनवरत चली आ रही है. पूजा को लेकर सुबह से ही पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा.
महिलाओं ने हलुआ-पूड़ी का लगाया भोग
कड़ाही पूजा के अवसर पर पारस नगर, आनंद नगर, गांधीनगर और शास्त्री नगर सहित आसपास के कई मोहल्लों की सैकड़ों महिला श्रद्धालु पूजा स्थल पर एकत्रित हुईं.
- विधि-विधान से पूजन: महिलाओं ने बऊ की माई स्थान पर पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की.
- महाप्रसाद की तैयारी: मौके पर ही शुद्ध घी और तेल में हलुआ, पूड़ी सहित विभिन्न पारंपरिक पकवान बनाकर माता को नैवेद्य अर्पित किया गया.
- सुख-समृद्धि की कामना: श्रद्धालुओं ने अपने परिवार के सदस्यों की दीर्घायु, सलामती, सुख-समृद्धि, उन्नति और पूरे नगर की शांति के लिए प्रार्थना की.
मन्नतें पूरी होने की है जन-मान्यता
पूजा में शामिल बुजुर्गों ने बताया कि बऊ की माई स्थान से लोगों की गहरी धार्मिक भावनाएं जुड़ी हैं. ऐसी मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है. इसी विश्वास के कारण बगहा नगर ही नहीं, बल्कि सुदूर ग्रामीण इलाकों से भी श्रद्धालु यहां शीश नवाने आते हैं.
आयोजन में स्थानीय लोगों का सराहनीय सहयोग
इस पारंपरिक धार्मिक आयोजन को व्यवस्थित और सफल बनाने में रामायण सहनी, नगीना साहनी, टुनटुन सहनी, बबलू प्रसाद, रमेश सहनी और लवकुश सहित अनेक स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. दिनभर पूजा स्थल पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा.
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