Valmikinagar Literary Event: भारत-नेपाल सीमा पर स्थित ग्राम पंचायत राज वाल्मीकिनगर रविवार को साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति का साक्षी बना. ग्राम पंचायत की ओर से प्रख्यात युवा कवयित्री 'शाइस्ता' के सम्मान में भव्य सम्मान समारोह एवं काव्य संवाद का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में साहित्यकारों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में काव्य प्रेमियों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमामय बना दिया. समारोह की अध्यक्षता बीबी आंबेडकर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. जावेद इकबाल ने की.
कवयित्री शाइस्ता ने बांधा समां, सीमावर्ती क्षेत्र में साहित्य और संस्कृति का संगम
मुखिया प्रतिनिधि सुमन सिंह ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता और नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
कार्यक्रम से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- काव्य पाठ: कवयित्री शाइस्ता ने अपनी कविताओं में प्रेम, मानवीय संवेदनाएं, सामाजिक सरोकार और राष्ट्रीय एकता के भाव प्रस्तुत किए, जिसने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.
- सांस्कृतिक चेतना: संयोजक मुखिया पन्नालाल साह ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवा रचनाकारों को मंच प्रदान करने के साथ साहित्यिक चेतना को नई ऊर्जा देते हैं.
- अतिथियों का अभिनंदन: समाजसेवी सदरुल हसन, मो. सानी तथा डॉ. आईबी कुमार ने स्वागतकर्ता की भूमिका निभाते हुए अतिथियों का अभिनंदन किया.
भारत-नेपाल सीमा पर आयोजित यह सम्मान समारोह साझा सांस्कृतिक विरासत और साहित्यिक सौहार्द को नई पहचान देने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल साबित हुआ.
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