Bettiah News: जिले के 18 मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अब हर बुधवार साप्ताहिक टेस्ट आयोजित किया जाएगा. शिक्षा विभाग ने मॉडल स्कूलों के संचालन के लिए जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) में इसका प्रावधान किया है. इस परीक्षा के आधार पर छात्रों की शैक्षणिक प्रगति का नियमित आकलन किया जाएगा.
मूल्यांकन के आधार पर कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों की ग्रेड प्रोफाइल भी तैयार की जाएगी.
उद्घाटन के बाद जारी हुई नई व्यवस्था
बीते 19 जुलाई को जिले के सभी 18 प्रखंडों के मॉडल स्कूलों का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया था.
इसके बाद अब शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
हर छात्र की होगी नियमित निगरानी
एसओपी के अनुसार, मॉडल स्कूलों में साप्ताहिक टेस्ट का उद्देश्य केवल परीक्षा लेना नहीं, बल्कि छात्रों की सीखने की क्षमता, विषयगत समझ और परीक्षा परिणाम में लगातार सुधार करना है.
सभी विद्यार्थियों के लिए वर्क बुक रखी जाएगी, जिस पर अभिभावकों के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे.
कमजोर विषयों पर मिलेगा विशेष ध्यान
प्रत्येक विषय का अलग-अलग मूल्यांकन किया जाएगा. इससे यह पता लगाया जाएगा कि छात्र किस विषय में कमजोर है और किस विषय में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है.
मूल्यांकन के आधार पर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं, पुनरावृत्ति और विशेष शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उनकी पढ़ाई में सुधार हो सके.
डीएम की निगरानी में बनेगी मॉनिटरिंग कमेटी
शिक्षा विभाग जिला स्तर पर डीएम के नेतृत्व में मॉनिटरिंग कमेटी गठित करने की तैयारी कर रहा है.
इसके अलावा एप के माध्यम से मॉडल स्कूलों का नियमित भौतिक निरीक्षण किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और स्कूलों की गतिविधियों की निगरानी की जा सके.
बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी होगी मजबूत
विभाग का मानना है कि लगातार होने वाले साप्ताहिक मूल्यांकन से छात्रों में नियमित अध्ययन की आदत विकसित होगी. इससे वे पूरे सत्र के दौरान पढ़ाई से जुड़े रहेंगे.
शिक्षा विभाग के अनुसार, इस व्यवस्था से बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम बेहतर करने के साथ-साथ विद्यार्थियों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को भी मजबूत आधार मिलेगा.
