सफलता चाहिए तो इन बातों को न भूलें, मझौलिया स्कूल में बच्चों ने बताया अपना मूल मंत्र

मझौलिया के रामेश्वर दयाल मध्य विद्यालय में 'सफलता के मूल मंत्र' पर संगोष्ठी हुई. छात्रों और शिक्षकों ने अनुशासन, परिश्रम, और संस्कारों के महत्व पर अपने विचार रखे. यह आयोजन विद्यार्थियों में जीवन मूल्य और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया.

West Champaran News: मझौलिया स्थित रामेश्वर दयाल मध्य विद्यालय में सफलता के मूल मंत्र विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गयी. कार्यक्रम में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने सफलता के लिए जरूरी गुणों और जीवन मूल्यों पर अपने विचार रखे.

प्रभारी प्रधानाध्यापक संजय पांडेय ने कहा कि जीवन में अनुशासन, परिश्रम और संस्कार बेहद जरूरी हैं. उन्होंने इन्हें छात्रों की सफलता का मूल मंत्र बताया. संगोष्ठी के दौरान बच्चों को पढ़ाई के साथ जीवन में अच्छे संस्कार और जिम्मेदारी अपनाने का संदेश दिया गया.

अनुशासन और परिश्रम को बताया सफलता का आधार

प्रभारी प्रधानाध्यापक संजय पांडेय ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी के जीवन में अनुशासन और परिश्रम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. उन्होंने छात्रों से नियमित रूप से पढ़ाई करने और अपने व्यवहार में अच्छे संस्कार अपनाने की अपील की.

उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ अनुशासन और मेहनत को जीवन का हिस्सा बनाकर विद्यार्थी अपने लक्ष्य की ओर बेहतर तरीके से आगे बढ़ सकते हैं.

संस्कार से ईमानदारी तक जरूरी हैं ये गुण

संगोष्ठी का संचालन करते हुए शिक्षक अनिल कुमार शर्मा ने सफलता के लिए जरूरी जीवन मूल्यों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जीवन के लिए ऑक्सीजन, जल, भोजन, वस्त्र और आवास जरूरी हैं, उसी प्रकार संस्कार, सभ्यता, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, परिश्रम, लगनशीलता और ईमानदारी भी जरूरी हैं.

उन्होंने छात्रों को इन मूल्यों को अपने व्यवहार और दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया.

छात्र-छात्राओं ने भी रखे अपने विचार

संगोष्ठी में छात्रा प्रिया कुमारी, रुचि कुमारी, रुखसार परवीन, आदित्य कुमार, आयुष कुमार, संध्या कुमारी और नैंसी कुमारी समेत अन्य छात्र-छात्राओं ने अपने विचार रखे.

छात्रों ने संस्कार और अनुशासन को सफल जीवन का अमृत बताया. उन्होंने कहा कि भारत ऋषि-मुनियों, साधु-संतों और महापुरुषों की धरती रही है और उनके जीवन से भी अनुशासन, संस्कार और अच्छे आचरण की सीख मिलती है.

शिक्षकों और छात्रों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में वरीय शिक्षक नागेंद्र पांडेय, चंद्रिका प्रसाद, अंजुम आरा, आलोक कुमार समेत विद्यालय के अन्य शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.

संगोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों ने विषय से जुड़े विचार साझा किये और शिक्षकों ने उनके विचारों को प्रोत्साहित किया. कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में जीवन मूल्यों, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना रहा.

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लेखक के बारे में

By मधुकर मिश्रा

मधुकर मिश्र ने 1986 में आकाश मार्ग हिंदी दैनिक देवरिया उत्तर प्रदेश से पत्रकारिता की शुरुआत की थी. इसके बाद में दिल्ली और पटना से एक साथ प्रकाशित संध्या प्रहरी, आज, नवभारत टाइम्स में कार्य किए. इस क्रम में पश्चिम चंपारण जिला मुख्यालय बेतिया में दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ रह चुके हैं. वर्तमान में बेतिया प्रभात खबर हिंदी दैनिक सह मल्टीमीडिया कार्यालय से जुड़कर कार्य कर रहे हैं.

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