प्रेम, भाईचारा व सामाजिक न्याय आधारित समाज चाहते थे संत कबीर : गरिमा

नगर निगम क्षेत्र के बरवत प्रसराईन स्थित संत कबीर मठ में संत कबीर जयंती महोत्सव का आयोजन शनिवार को किया गया.

बेतिया. नगर निगम क्षेत्र के बरवत प्रसराईन स्थित संत कबीर मठ में संत कबीर जयंती महोत्सव का आयोजन शनिवार को किया गया. समारोह के संयोजक कन्हैया लाल बौद्ध के नेतृत्व में दर्जनों कबीरपंथी महिला पुरुषों ने महापौर के साथ आमंत्रित अन्य संतों का अंगवस्त्र और फूल माला पहनाकर स्वागत किया. इसके बाद मठ में महात्मा कबीर की नवस्थापित प्रतिमा का महापौर गरिमा देवी सिकारिया अन्य आमंत्रित संतगण के साथ समारोह पूर्वक अनावरण किया. इसके बाद प्रतिमा की पूजा आरती करते हुए महापौर ने कहा कि आज के विषमतावादी और जाति, पंथ व धर्म के आधार पर बंटे सामाजिक परिवेश में महात्मा संत कबीर की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है. महापौर ने कहा कि हमें खुशी है कि हमारे नगर निगम के हमारे सैकड़ों भाई बहनों के मन में संत कबीर जी के प्रति गहरी आस्था है. उन्होंने बताया कि महात्मा कबीर वैचारिक रूप से जाति, धर्म और आडंबरों के खिलाफ थे. उन्होंने ऐसा समाज बनाने का सपना देखा था जो प्रेम, भाईचारा और सामाजिक न्याय पर आधारित हो. इससे पूर्व समारोह के संचालक संत अजय देव ने बताया कि जारी भजन कीर्तन के बाद भंडारा का आयोजन किया जाएगा. उसके बाद देर रात तक समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण, गोरखपुर आदि के विभिन्न कबीरपंथी मठों से पधारे संत राम प्रसाद, गुरु अजय देव आचार्य, त्रिपुरारी साहब, महंत नरसिंह स्वामी आदि आमंत्रित संत गण का प्रवचन उपदेश का कार्यक्रम होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: SATISH KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >