Champaran news: रक्सौल से नरकटियागंज के बीच रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. लंबे समय से प्रतीक्षित रेलखंड के दोहरीकरण की कवायद अब जमीन पर उतरने लगी है. पूर्व मध्य रेलवे ने 37.80 किलोमीटर लंबे रेलखंड को डबल लाइन में बदलने के लिए 653.44 करोड़ रुपये की परियोजना का टेंडर जारी कर दिया है. दोहरीकरण पूरा होने के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी और परिचालन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा.
बड़े और छोटे पुल, ब्लॉक हट, यूटिलिटी शिफ्टिंग, स्टेशन व भवन भी बनेंगे
रक्सौल (एक्स.) से नरकटियागंज (एक्स.) तक चेनज 189.400 से 227.200 के बीच होने वाले इस कार्य में सिर्फ पटरियां बिछाने तक ही काम सीमित नहीं रहेगा. परियोजना के तहत बड़े और छोटे पुल, ब्लॉक हट, यूटिलिटी शिफ्टिंग, स्टेशन व भवन निर्माण, प्लेटफॉर्म, लेवल क्रॉसिंग और अन्य संबद्ध कार्य भी किए जाएंगे.
1,380 दिन में पूरा करना होगा काम
परियोजना की अनुमानित लागत 653.44 करोड़ रुपये रखी गई है. कार्य पूरा करने के लिए 1,380 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है. टेंडर 13 अगस्त को जारी हुआ. 29 सितंबर को प्री-बिड बैठक होगी, जबकि 27 नवंबर से बोली जमा की जा सकेगी. निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर 2026 है.
नेपाल सीमा तक कनेक्टिविटी को मिलेगा बूस्ट
दोहरी लाइन बनने से ट्रेनों की गति और परिचालन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है. यात्रियों को बेहतर सुविधा और समय की बचत होगी. वहीं मालगाड़ियों की आवाजाही बढ़ने से व्यापार को भी फायदा मिलेगा. नेपाल सीमा से जुड़े इस रेलमार्ग के दोहरीकरण को क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है.
इन स्टेशनों को मिलेगा लाभ
नरकटियागंज से रक्सौल के बीच सिकटा होकर गोकुला, मरजदवा, पुरुषोत्तमपुर, सिकटा, कंगली और भेलवा जैसे स्टेशन आते हैं. रेलखंड के दोहरीकरण से इन स्टेशनों से जुड़े यात्रियों को ट्रेनों के परिचालन में सुधार का लाभ मिलेगा. ट्रेनों की क्रॉसिंग के कारण होने वाली देरी कम होने की उम्मीद है. साथ ही सिकटा समेत सीमावर्ती क्षेत्र की रक्सौल और नरकटियागंज से कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है.
