भूमि विवाद में हुई थी रामदेव की हत्या, रेस्टोरेंट मालिक समेत तीन गिरफ्तार

मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरवत सेना निवासी रामदेव राम हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है.

बेतिया. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरवत सेना निवासी रामदेव राम हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. मामले में पुलिस ने बरवत स्थित एक प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट के मालिक समेत तीन की गिरफ्तारी की है. पुलिस का दावा है कि भूमि विवाद को लेकर रेस्टोरेंट मालिक ने इस हत्या की पटकथा तैयार की थी और पेशेवर अपराधियों की मदद से इस वारदात को अंजाम दिलाया था. मामले में पुलिस घटना में प्रयुक्त बाइक जब्त कर ली है. घटना में शामिल अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी हो रही है.

रेस्टोरेंट मालिक रविंद्र कुमार सिंह जनसुराज के नेता हैं. एसपी डॉ शौर्य सुमन ने बताया कि नगर के हरिवाटिका पोखरा निवासी एक रेस्टोरेंट के मालिक रविंद्र कुमार सिंह, मुफस्सिल के पर्वतिया टोला निवासी मनु यादव व नवलपुर थाना क्षेत्र के सिसवा भूमिहार (हाल मोकाम आईटीआई जयप्रकाश नगर) निवासी अखिलेश राम को गिरफ्तार किया गया है. घटना में प्रयुक्त हीरो ग्लैमर बाइक को जब्त कर लिया गया है. उन्होंने ने कहा कि हत्या की साजिश रविंद्र कुमार सिंह व परवतिया टोला के अमर यादव उर्फ शिकारी यादव ने मिलकर रेस्टोरेंट में रचा था. अमर यादव उर्फ शिकारी यादव ने परवतिया टोला के धोनी यादव, मनु यादव, चरगाहा के दिनेश पटेल, बेलबाग चरगाहा के सुजीत पटेल, आईटीआई जयप्रकाश नगर के अखिलेश राम को अपने रेस्टोरेंट में बुलाकर पूरी साजिश रची थी. फिर चाकू मार रामदेव राम की हत्या कर दी गई थी. बताया जाता है कि गांव के कुछ लोगों के बीच पूर्व से भूमि का विवाद था. बाद में यह भूमि रेस्टोरेंट के मालिक ने ले लिया. उन्होंने इसमें से कुछ जमीन रामदेव राम को देने का आश्वासन दिया था. रामदेव राम के पहल पर विवाद खत्म हुआ था. बाद में उन्होंने जमीन देने से बचने के लिए रामदेव राम को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया.

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जमाबंदी बदलने में अफसर फंसे, डीएम को भेजा जाएगा पत्र

एसपी ने कहा कि उक्त भूखंड की जमाबंदी कई वर्षों से किसी के नाम से था. बाद में एक प्रशासनिक अधिकारी ने जमाबंदी बदल किसी और के नाम से कर दिया. आखिर यह किस परिस्थिति में हुई, इसकी जांच के लिए डीएम को पत्र भेजा जाएगा.

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बदमाशों का आपराधिक इतिहास, पुरस्कृत होगी पुलिस टीम

एसपी ने बताया कि घटना में शामिल बदमाशों का आपराधिक इतिहास है. अमर यादव उर्फ शिकारी यादव के खिलाफ मुफस्सिल थाना में वर्ष 2019 व वर्ष 2023 में आर्म्स एक्ट के तहत दो मामले दर्ज हैं. धोनी यादव व मनु यादव के खिलाफ वर्ष 2024 में मुफस्सिल थाना में अनुसूचित जाति जनजाति एक्ट समेत कई धाराओं में मामला दर्ज है. बता दें कि छह जून की रात 11:30 बजे रामदेव राम की हत्या बरवत सेना स्थित रेस्टोरेंट से कुछ दूरी पर चाकू गोद कर कर दी गई थी. रामदेव राम रेस्टोरेंट में आयोजित मटकोर का खाना खाकर साइकिल से घर लौट रहे थे, इसी दौरान बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया था. इस मामले में रामदेव राम के पुत्र ने अपने ही गांव के मुन्ना देवान समेत पांच के खिलाफ मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. घटना के बाद पुलिस मुन्ना देवान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दी थी. एसपी ने कहा कि हत्याकांड के उद्वभेदन में शामिल पुलिस पदाधिकारियों को पुरस्कृत किया जाएगा.

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Author: SATISH KUMAR

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