Bettiah News: प्रभात खबर और भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को रेड क्रॉस भवन में टीबी उन्मूलन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में टीबी मरीजों को दवा के साथ पौष्टिक आहार और सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया. रेडक्रॉस के 50 से अधिक सदस्यों ने टीबी मरीजों को गोद लेकर निक्षय मित्र बनने की घोषणा की और जल्द ही मरीजों के बीच पोषण पोटली वितरित करने का संकल्प लिया.
टीबी उन्मूलन के लिए सामाजिक भागीदारी पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रमेश चंद्रा ने कहा कि टीबी एक संक्रामक रोग है, लेकिन समय पर जांच और उपचार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि पौष्टिक और प्रोटीन युक्त आहार से मरीजों की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है.
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से टीबी मरीजों के लिए जांच, उपचार और पोषण सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. समाज के सक्षम लोगों से आर्थिक सहयोग और जागरूकता के माध्यम से निक्षय मित्र बनने की अपील की.
50 से अधिक टीबी मरीजों को लिया गया गोद
रेड क्रॉस के जिला सचिव डॉ. जगमोहन कुमार ने कहा कि क्षय रोग समाज को भीतर से कमजोर करने वाला अदृश्य शत्रु है. इसके खिलाफ लड़ाई में दवा के साथ मानवीय संवेदना और सामाजिक सहभागिता जरूरी है.
कार्यक्रम में रेडक्रॉस के 50 से अधिक सदस्यों ने टीबी मरीजों को गोद लेकर निक्षय मित्र बनने की घोषणा की. जल्द ही इन मरीजों के बीच पोषण की पोटली वितरित की जाएगी. सदस्यों ने भविष्य में निक्षय मित्रों की संख्या बढ़ाने का भी संकल्प लिया.
टीबी को बीमारी के साथ सामाजिक चुनौती भी बताया
वक्ताओं ने कहा कि टीबी केवल स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती भी है. लोगों से अपील की गई कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर उसे छिपाने के बजाय तुरंत जांच कराएं.
वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक और जनभागीदारी के माध्यम से ही टीबी उन्मूलन अभियान को गति दी जा सकती है. मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए और उन्हें नियमित उपचार के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.
पोषण और भावनात्मक सहयोग भी जरूरी
डॉ. जगमोहन कुमार ने कहा कि टीबी मरीजों को समय पर उपचार के साथ पौष्टिक आहार मिलना भी जरूरी है. सैयद शकील अहमद ने निक्षय मित्र बनने को मानवता की सेवा बताते हुए कहा कि छोटे प्रयास भी किसी मरीज के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं.
अजय कुमार केशान ने टीबी उन्मूलन अभियान को जन आंदोलन बनाने की जरूरत बताई, जबकि अभिजीत केशान ने पोषण की कमी से मरीजों की परेशानी बढ़ने की बात कहते हुए पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने पर जोर दिया.
टीबी हारेगा भारत जीतेगा का लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सदस्यों ने "टीबी हारेगा, भारत जीतेगा" का संकल्प लिया. संचालन रेडक्रॉस के संयुक्त सचिव जगदेव प्रसाद ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रबंध समिति सदस्य सैयद शकील अहमद ने किया.
मरीजों को गोद लेने वालों में चेयरमैन डॉ. सुशील प्रसाद चौधरी, वाइस चेयरमैन विश्वनाथ झुनझुनवाला, कोषाध्यक्ष रजत कुमार तोदी, अधिवक्ता सत्येंद्र शरण, अजय कुमार केशान, अनुज कुमार, संजय कुमार, शिव कुमार सिंह, तरुण गुप्ता, बृजमोहन गुप्ता, इंदु कुमारी, पिंकी देवी, सुंदरम देवी, अरुण कुमार बरनवाल, डॉ. संजय कुमार, अर्चना कुमारी, अभिजीत केशान, मनीष पोद्दार सहित अन्य सदस्य शामिल रहे.
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