हरनाटांड़ पीएचसी पहल: पश्चिम चंपारण के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), हरनाटांड़ परिसर में सोमवार को 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत एक प्रेरणादायक व सराहनीय पहल शुरू की गई. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. केबीएन सिंह ने वाल्मीकिनगर विधायक सुरेंद्र प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति में इस नवाचार का औपचारिक शुभारंभ किया. इस पहल के तहत अस्पताल में जन्म लेने वाली नवजात बेटियों के माता-पिता को विशेष बधाई एवं सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा.
समाज में सकारात्मक बदलाव लाना मुख्य उद्देश्य
इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. केबीएन सिंह ने कहा कि बेटी का जन्म पूरे परिवार और समाज के लिए अत्यंत गौरव व खुशी का अवसर होता है. उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज की रूढ़िवादी सोच में सकारात्मक बदलाव लाना है. बेटी किसी भी दृष्टि से अभिशाप नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए अमूल्य वरदान है. अस्पताल में बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाकर लैंगिक समानता का संदेश दिया जा रहा है.
पहल से जुड़ी मुख्य बातें व उद्देश्य:
- अभियान की पृष्ठभूमि: डॉ. सिंह ने बताया कि इस नवाचार की शुरुआत उन्होंने 2 जनवरी 2021 को अनुमंडलीय अस्पताल, बगहा से की थी, जिसे अब हरनाटांड़ में लागू किया गया है.
- लैंगिक समानता को बढ़ावा: जन्म के समय से ही बेटियों को सम्मान देकर समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है.
- माता-पिता का सम्मान: अस्पताल में प्रसव के बाद कन्या शिशु के अभिभावकों को सम्मान पत्र देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है.
दर्जनों गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान नवजात बेटियों के माता-पिता को सम्मान पत्र सौंपे गए. इस अवसर पर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेंद्र काजी, बिट्टू काजी, राजकुमार महतो, अशोक महतो, प्रेमनाथ काजी, हरिहर महतो और पप्पू खतईत सहित दर्जनों स्थानीय लोग मौजूद रहे.
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