पेपर लीक के विरोध में आइसा-भाकपा (माले) का प्रतिवाद मार्च, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

बगहा में आइसा, इंकलाबी नौजवान सभा और भाकपा (माले) ने संयुक्त रूप से प्रतिवाद मार्च निकाला. प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की. छात्र नेताओं की गिरफ्तारी की भी निंदा की गई.

Bagaha News: सोमवार को बगहा में आइसा, इंकलाबी नौजवान सभा और भाकपा (माले) के संयुक्त तत्वावधान में प्रतिवाद मार्च निकाला गया. प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की.

छात्र आंदोलन की अनदेखी का लगाया आरोप

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के नेता भिखारी प्रसाद ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं के खिलाफ देशभर के छात्र-युवा पिछले 23 दिनों से जंतर-मंतर पर आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है.

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छात्र नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा

भाकपा (माले) के नेता पशुराम यादव ने कहा कि छात्र-युवाओं के आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता. उन्होंने छात्र नेता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की भावना के विरुद्ध बताया. साथ ही जंतर-मंतर पर अनशनरत आइसा नेताओं नेहा, मनीष और आमीन के संघर्ष के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया.

निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग

सभा के अंत में नेताओं ने पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग दोहराई. इस मौके पर राजेंद्र प्रसाद, रजवंती देवी, अंजली देवी समेत बड़ी संख्या में भाकपा (माले), आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा के कार्यकर्ता मौजूद रहे.


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