छह महीने से काम बंद, अधूरे पंचायत सरकार भवनों पर उगी झाड़ियां, राशि के इंतजार में अटका निर्माण

पश्चिम चंपारण की छह पंचायतों में पंचायत सरकार भवन निर्माण कार्य पिछले छह महीने से रुका हुआ है. राशि आवंटन न होने से संवेदक काम बंद कर चुके हैं, जिससे अधूरे भवनों की स्थिति बिगड़ रही है.

West Champaran News: पिपरासी प्रखंड की सात पंचायतों में से एक को छोड़कर छह पंचायतों में पंचायत सरकार भवन का निर्माण कार्य पिछले करीब छह माह से ठप है. निर्माण कार्य बंद रहने के कारण अधूरे भवनों पर झाड़ियां उगने लगी हैं. वहीं, पहले से हुए निर्माण कार्य की भी बिना देखरेख के वजह से स्थिति खराब होने लगी है.

जानकारों के अनुसार निर्माण मद में राशि का आवंटन नहीं होने के कारण संवेदकों ने काम रोक दिया है. मंझरिया, पिपरासी, सौरहा, डुमरी मुराडीह, डुमरी भगड़वा और बलुआ ठोरी पंचायत में पंचायत सरकार भवनों का 50 फीसदी से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. मंझरिया और डुमरी मुराडीह में करीब 80 फीसदी तक काम पूरा होने की बात कही गयी है.

Piprasi News: छह पंचायत सरकार भवनों का निर्माण छह माह से बंद

प्रखंड की छह पंचायतों में पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कार्य लंबे समय से बंद पड़ा है. निर्माणाधीन भवनों की देखरेख नहीं होने के कारण परिसर में झाड़ियां उग गयी हैं.

मंझरिया और डुमरी मुराडीह पंचायत में भवन निर्माण का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है. इसके बावजूद शेष निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण भवनों का उपयोग शुरू नहीं हो सका है.

राशि नहीं मिलने से संवेदकों ने रोका काम

संवेदकों के अनुसार कार्य आवंटित होने के समय विभाग की ओर से निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा कराने और काम की जांच के बाद समय-समय पर भुगतान करने की बात कही गयी थी.

इसी भरोसे पर संवेदकों ने बैंक और अन्य माध्यमों से ऋण लेकर निर्माण कार्य को गति दी. उनका कहना है कि भुगतान की अपेक्षा अधिक काम पूरा होने के बाद भी शेष राशि का भुगतान नहीं किया गया. इसके बाद आर्थिक दबाव के कारण निर्माण कार्य रोकना पड़ा.

बिना देखरेख के जर्जर होने लगे निर्माण

छह माह से निर्माण कार्य बंद रहने के कारण पहले से तैयार भवनों के हिस्सों की भी देखरेख नहीं हो पा रही है. निर्माणाधीन भवनों के आसपास झाड़ियां उग गयी हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि लंबे समय तक इसी तरह निर्माण कार्य बंद रहा तो पहले से हुए काम को भी नुकसान पहुंच सकता है. इससे सरकारी राशि और समय दोनों पर असर पड़ने की आशंका है.

पंचायत स्तर पर नहीं मिल रही सरकारी सेवाओं की पूरी सुविधा

पंचायत सरकार भवनों के निर्माण का उद्देश्य पंचायत स्तर पर ही लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है. भवन तैयार होने के बाद पंचायत स्तर के कर्मियों और जनप्रतिनिधियों के बैठने की व्यवस्था होनी है.

इसके अलावा पंचायत सरकार भवन में आरटीपीएस काउंटर की सुविधा भी उपलब्ध करायी जानी है. इसके माध्यम से ग्रामीण जाति, आय, निवास, पेंशन और राशन कार्ड समेत विभिन्न सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे.

सामुदायिक भवनों से चल रहा पंचायत कार्यालय

पंचायत सरकार भवनों का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण कई पंचायतों के कार्यालयों का संचालन फिलहाल सामुदायिक भवनों से किया जा रहा है.

इससे पंचायत कर्मियों और जनप्रतिनिधियों के साथ आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों को पंचायत स्तर की सुविधाओं के लिए अपेक्षित व्यवस्था नहीं मिल पा रही है.

आवंटन मिलते ही शुरू होगा निर्माण

इस संबंध में भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता कमलेश प्रसाद ने बताया कि आवंटन के अभाव में पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कार्य बंद है.

उन्होंने कहा कि विभाग को आवंटन मिलते ही बंद पड़े निर्माण कार्यों को दोबारा शुरू कराया जाएगा.

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By Rajkishor pandey

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