चरस तस्करी में एक को दस वर्ष की सजा

चरस तस्करी के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायाधीश आनंद विश्वासधर दुबे ने एक आरोपी को दोषी पाते हुए उसे 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है.

बेतिया. चरस तस्करी के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायाधीश आनंद विश्वासधर दुबे ने एक आरोपी को दोषी पाते हुए उसे 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही उसके ऊपर दो लाख रुपया अर्थदंड भी लगाया है. सजायाफ्ता चंदन कुमार सिकटा थाना क्षेत्र के शिकारपुर गांव का रहने वाला है. जबकि इसी मामले में एक अन्य आरोपी आनंद कुमार उर्फ थारू को प्रयाप्त साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया गया है. एनडीपीएस एक्ट के विशेष लोक अभियोजक सुरेश कुमार ने बताया कि घटना 15 अक्तूबर 2018 की है. एसएसबी को गुप्त सूचना मिली कि तस्कर मादक पदार्थ लेकर भारतीय सीमा में प्रवेश करने वाले हैं. उसके बाद एसएसबी के जवानों ने सीमा स्तंभ संख्या 408/2 के करीब पुरैनिया गांव के पास नाका लगाया. मध्य रात्रि में एक बाइक पर सवार होकर दो व्यक्ति भारतीय सीमा में प्रवेश करने लगे। एसएसबी के जवानों द्वारा रुकने का इशारा करने पर बाइक चालक गाड़ी से उतरकर भागने लगा, जवानों द्वारा उसे पकड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भागने में सफल रहा. वहीं जवानों द्वारा दूसरे व्यक्ति को पकड़ लिया गया. तलाशी लेने पर उसके पास से सफेद झोला में रखा चार किलोग्राम चरस जप्त कर उसे गिरफ्तार किया गया. इस मामले को लेकर सिकटा थाने में दोनों के विरुद्ध प्राथमिक दर्ज की गई थी. इसी मामले की सुनवाई पूरी करते हुए विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त को एनडीपीएस एक्ट की दो धाराओं में दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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