Bettiah News: लौरिया. लौरिया नगर पंचायत के वार्ड छह स्थित यदुवंशी नगर निवासी 40 वर्षीय ओमप्रकाश महतो की सऊदी अरब के रियाद में मौत के 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनका शव पैतृक घर नहीं पहुंच सका है. पिता की मौत के बाद सीआरपीएफ में तैनात बड़ा बेटा विशाल समेत पूरा परिवार उनके शव के भारत लौटने का इंतजार कर रहा है. शव आने में हो रही देरी से परिजनों की बेचैनी लगातार बढ़ रही है और परिवार अंतिम दर्शन के बाद पैतृक घर में अंतिम संस्कार की प्रतीक्षा कर रहा है.
Lauria News: रियाद में इलाज के दौरान हुई थी ओमप्रकाश की मौत
परिजनों के अनुसार, ओमप्रकाश महतो सऊदी अरब के रियाद में वाहन चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे. कुछ समय से उनकी तबीयत खराब थी और इलाज चल रहा था. इसी दौरान उनकी मौत हो गयी.
मौत की खबर मिलते ही लौरिया स्थित घर में मातम पसर गया. पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री समेत परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है.
सीआरपीएफ जवान बड़ा बेटा अंतिम दर्शन को तरसा
ओमप्रकाश के बड़े बेटे विशाल सीआरपीएफ में तैनात हैं. पिता की मौत की खबर के बाद परिवार के साथ उनका भी इंतजार खत्म नहीं हुआ है. शव भारत नहीं पहुंचने के कारण वह अपने पिता के अंतिम दर्शन नहीं कर पा रहे हैं.
परिवार की सबसे बड़ी चिंता अब यही है कि शव जल्द से जल्द पैतृक घर पहुंचे, ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके.
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने शुरू की पहल
वार्ड पार्षद बद्री यादव ने बताया कि मामले की जानकारी स्थानीय विधायक, सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री को दी गयी है. संबंधित स्तर पर शव को जल्द भारत लाने के लिए पहल की जा रही है.
नगर पंचायत के ईओ दिनेश पुरी और प्रखंड श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी श्रुति कुमारी ने भी मामले की जानकारी जिला पदाधिकारी, बेतिया को दी है.
डीएम को आवेदन देकर भारत लाने की गुहार
ओमप्रकाश के परिजनों ने डीएम को आवेदन देकर भारत सरकार के स्तर से आवश्यक पहल कराने की मांग की है. परिवार की ओर से कहा गया है कि सऊदी अरब में हुई मौत के बाद अब शव को भारत लाने की प्रक्रिया जल्द पूरी करायी जाए.
परिजनों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मामले में त्वरित मदद की अपील की है, ताकि परिवार को अंतिम संस्कार के लिए और लंबा इंतजार नहीं करना पड़े.
अंतिम संस्कार के लिए पैतृक घर में इंतजार
ओमप्रकाश की मौत के बाद अब परिवार की निगाह शव के भारत पहुंचने पर टिकी है. घर के लोग अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार की तैयारी को लेकर इंतजार कर रहे हैं.
मुख्य पार्षद सीता देवी, उपमुख्य पार्षद किशोरी देवी, संजय कुमार, लड्डू सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी शव भारत लाने के प्रयास में जुटे हैं.
प्रशासन और सरकार से उम्मीद लगाए बैठा परिवार
परिजनों का कहना है कि अब उनकी पूरी उम्मीद प्रशासन और भारत सरकार की पहल पर टिकी है. विदेश में हुई मौत के बाद शव को वापस लाने की प्रक्रिया में हो रही देरी ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी है.
स्थानीय लोगों ने भी संबंधित अधिकारियों से जल्द पहल कर ओमप्रकाश महतो का शव भारत लाने की व्यवस्था कराने की मांग की है.
