रामनगर मंडी विवाद: स्थायी फल, सब्जी, मांस एवं मछली मंडी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे फुटकर विक्रेताओं के बीच एसडीएम चांदनी कुमारी पहुंचीं. उन्होंने आंदोलनकारी दुकानदारों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी प्रमुख समस्याओं की जानकारी ली. इस दौरान विक्रेताओं ने अपनी आजीविका की सुरक्षा के लिए स्थायी मंडी हेतु जमीन उपलब्ध कराने समेत कई अन्य जरूरी मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं.
सिंचाई विभाग की एनओसी के बाद ही जमीन आवंटन संभव
एसडीएम चांदनी कुमारी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि विक्रेताओं द्वारा जिस भूखंड की मांग की जा रही है, वह वास्तव में सिंचाई विभाग के स्वामित्व में है. उन्होंने कहा कि जमीन हस्तांतरण के लिए संबंधित विभाग को आधिकारिक तौर पर सूचित किया जाएगा. विभागीय दिशा-निर्देश और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने के बाद ही आवंटन की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी.
एसडीएम ने दी धैर्य रखने की सीख
प्रशासनिक प्रक्रिया में लगने वाले समय को समझाते हुए एसडीएम ने विक्रेताओं से धैर्य बरतने की अपील की:
- उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि पेड़ लगाने के बाद चाहे जितना भी पानी डाल दें, फल अपने तय समय पर ही आता है.
- यदि जमीन नगर प्रशासन के अधिकार क्षेत्र की होती, तो उसे तुरंत उपलब्ध कराने की दिशा में तत्काल कदम उठाया जाता.
- दूसरे विभाग की जमीन होने के कारण बिना आधिकारिक एनओसी के कोई भी आवंटन संभव नहीं है.
हस्ताक्षरित आवेदन देने और दुकानें शुरू करने की अपील
एसडीएम ने सभी फुटकर विक्रेताओं से धरना समाप्त कर पहले की तरह अस्थायी दुकानें लगाने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि विक्रेता सामूहिक रूप से हस्ताक्षरित आवेदन सौंपें, जिससे उनकी मांग शासन और संबंधित विभाग के सामने मजबूती से रखी जा सके. उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले को जिला स्तर पर भी उठाया जाएगा. इस मौके पर बीडीओ, सीओ, कार्यपालक पदाधिकारी और थानाध्यक्ष सहित कई अन्य प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे.
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