वीटीआर के गांवों में होमस्टे शुरू करने का सुनहरा मौका, सरकार दे रही 11 लाख तक का अनुदान, ऐसे करें आवेदन

बिहार सरकार 'मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना' के तहत वाल्मीकिनगर के गांवों में ग्रामीण पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है. इस योजना के तहत ग्रामीणों को 11 लाख रुपये तक का अनुदान मिल सकता है, जिससे वे घर बैठे कमाई कर सकें.

Valmikinagar News: वाल्मीकिनगर ग्रामीण पर्यटन को नई ऊंचाई देने और सुदूरवर्ती गांवों में स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार करने के उद्देश्य से बिहार सरकार की 'मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026' के क्रियान्वयन में तेजी आ गई है. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के वन प्रक्षेत्र से सटे सीमावर्ती गांवों में वन एवं पर्यटन विभाग द्वारा विशेष जागरूकता बैठकों का आयोजन किया जा रहा है. इन बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों को होमस्टे की स्थापना, आवेदन प्रक्रिया और वित्तीय अनुदान की विस्तृत जानकारी दी जा रही है. वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को चंपारण की समृद्ध ग्रामीण संस्कृति, पारंपरिक लोक परंपराओं और स्थानीय खान-पान से रूबरू कराने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है.

ग्रामीणों के साथ बैठक करते वन अधिकारी

चार कमरों के लिए 10 लाख तक की पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान

योजना के प्रावधानों के अनुसार, नए होमस्टे के निर्माण अथवा पहले से मौजूद आवासीय मकान में आधुनिक पर्यटक सुविधाओं के विकास के लिए प्रति कमरा 2.50 लाख रुपये तक की पूंजीगत सब्सिडी दी जाएगी. एक सामान्य लाभार्थी अधिकतम चार कमरों के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकता है, जिससे उसे कुल 10 लाख रुपये तक का सरकारी अनुदान मिलेगा. नियमों के मुताबिक, किसी भी होमस्टे इकाई में अधिकतम आठ कमरों की व्यवस्था की जा सकती है, लेकिन वित्तीय अनुदान की सीमा केवल चार कमरों तक ही सीमित रहेगी.

महिलाओं और 18-25 वर्ष के युवाओं को 1 लाख रुपये का अतिरिक्त लाभ

सरकार ने इस योजना में महिला सशक्तिकरण और युवा उद्यमियों को विशेष प्राथमिकता दी है. महिलाओं, जीविका एवं स्वयं सहायता समूहों (SHGs) तथा 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवा उद्यमियों को प्रति कमरे 25 हजार रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी. इस तरह चार कमरों पर एक लाख रुपये का अतिरिक्त लाभ जोड़कर पात्र लाभार्थियों को कुल 11 लाख रुपये तक की सहायता राशि सीधे प्राप्त हो सकेगी.

16 जिलों के 34 पर्यटन स्थलों में प्राथमिकता, 5 वर्ष संचालन अनिवार्य

योजना के पहले चरण में बिहार के 16 प्रमुख जिलों के 34 चुनिंदा पर्यटन स्थलों के आसपास स्थित ग्रामीण इलाकों को प्राथमिकता सूची में रखा गया है. इच्छुक ग्रामीण व आवेदक बिहार पर्यटन विभाग के आधिकारिक वेब पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर से साइन अप कर आसानी से ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं. आवेदन की विभागीय जांच और भौतिक सत्यापन के उपरांत अनुदान राशि नियमानुसार तीन आसान किस्तों में लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी. योजना की मुख्य शर्त यह है कि अनुदान प्राप्त करने वाले लाभार्थी को कम से कम पांच वर्षों तक निरंतर होमस्टे का संचालन करना अनिवार्य होगा.

स्थानीय गाइड, परिवहन और हस्तशिल्प को मिलेगा नया बाजार

वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र में होमस्टे व्यवस्था के विस्तार से न केवल आवास की समस्या का समाधान होगा, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा संबल मिलेगा. पर्यटकों की आमद बढ़ने से स्थानीय टूरिस्ट गाइड, ग्रामीण वाहन चालक, हस्तशिल्प और कुटीर उद्योग से जुड़े शिल्पी, पारंपरिक व्यंजन बनाने वाले रसोइये और थारू लोक कलाकारों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे.

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By Prabhat khabar news desk

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