Bettiah News: शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए 'प्रशस्त एप 2.0' पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को 31 जुलाई तक शत-प्रतिशत शिक्षकों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है.
इसके लिए सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, बीआरसी और विद्यालयों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है.
एनसीईआरटी ने विकसित किया है प्रशस्त एप 2.0
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (समावेशी शिक्षा) गार्गी कुमारी की ओर से जारी निर्देश में बताया गया है कि एनसीईआरटी, नई दिल्ली द्वारा विकसित प्रशस्त एप 2.0 विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग के लिए तैयार किया गया है.
इस एप के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) की प्रारंभिक पहचान की जाएगी, ताकि उन्हें समय पर समावेशी शिक्षा, शैक्षणिक सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें.
यू-डाइस में दर्ज मोबाइल नंबर से करना होगा पंजीकरण
विभाग के निर्देश के अनुसार सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को यू-डाइस (UDISE) में दर्ज अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा.
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी शिक्षकों का पंजीकरण सुनिश्चित कराना संबंधित विद्यालयों और शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी. जरूरत पड़ने पर विशेष पंजीकरण शिविर भी आयोजित किए जाएंगे.
15 अगस्त से शुरू होगी विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग
राज्य कार्यक्रम के अनुसार 15 अगस्त से 15 सितंबर तक सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में प्रशस्त एप 2.0 के माध्यम से विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग की जाएगी.
इस दौरान ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी जिन्हें सीखने, देखने, सुनने, बोलने, व्यवहार या अन्य किसी प्रकार की विशेष शैक्षणिक सहायता की आवश्यकता है. विभाग का मानना है कि इससे जरूरतमंद बच्चों तक समय पर आवश्यक शैक्षणिक और सहयोगात्मक सुविधाएं पहुंचाना आसान होगा.
