Bihar Cabinet Expansion: नंदकिशोर राम के बिहार सरकार में मंत्री बनने के बाद चंपारण क्षेत्र में उत्साह का माहौल है. रामनगर (एससी) विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक नंदकिशोर राम के शपथ ग्रहण के बाद समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई है.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नंदकिशोर राम का मंत्रिमंडल में शामिल होना सीमावर्ती चंपारण क्षेत्र को मजबूत राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलने जैसा है. समर्थकों का कहना है कि इससे दलित समाज और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी.
भाजपा का भरोसा साबित हुआ सही
भाजपा ने वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में भागीरथी देवी की जगह नंदकिशोर राम को उम्मीदवार बनाया था. उन्होंने राजद प्रत्याशी सुबोध पासवान को 35,680 वोटों के बड़े अंतर से हराकर जीत दर्ज की थी.
53 वर्षीय नंदकिशोर राम स्नातक शिक्षित हैं और कम समय में चंपारण में भाजपा के प्रमुख दलित चेहरे के रूप में उभरकर सामने आए हैं. उनकी मृदुभाषी और मिलनसार छवि ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया.
लंबा रहा राजनीतिक सफर
नंदकिशोर राम का राजनीतिक सफर कई दशक पुराना है. उन्होंने 1994 में बसपा से राजनीति की शुरुआत की थी और 1998 में लोकसभा चुनाव भी लड़ा था.
इसके बाद वर्ष 2009 में वे जनता दल यूनाइटेड में शामिल हुए और करीब 14 वर्षों तक सक्रिय रहे. वर्ष 2023 में उन्होंने भाजपा का दामन थामा था.
समर्थकों में खुशी
उनके मंत्री बनने की खबर के बाद रामनगर और बगहा क्षेत्र में समर्थकों ने खुशी जताई. कई जगहों पर मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने इसे चंपारण के लिए गौरव का क्षण बताया.
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार मिलेगी और सीमावर्ती इलाकों की समस्याओं पर सरकार का ध्यान बढ़ेगा.
बगहा से इजरायल अंसारी की रिपोर्ट
