Bettiah News: सुपौल के अवर निबंधक अमरेंद्र कुमार के ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी के बाद हड़कंप मचा हुआ है. इस कार्रवाई के साथ ही अमरेंद्र कुमार के पुराने कारनामे भी अब चर्चा में आ गए हैं. बताया जा रहा है कि जब वे बेतिया में पदस्थापित थे, तब भी उनका कार्यकाल विवादों से घिरा रहा था और उनके कामकाज के तरीके पर कई गंभीर सवाल उठे थे
रोक सूची वाली जमीन की रजिस्ट्री का आरोप
सूत्रों के अनुसार, बेतिया में पदस्थापना के दौरान अमरेंद्र कुमार पर रोक सूची (प्रोहिबिटेड लिस्ट) में शामिल जमीनों की रजिस्ट्री करने के गंभीर आरोप लगे थे. उस समय भी जमीनों की खरीद-बिक्री में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की चर्चाएं जोरों पर थीं. आरोप था कि नियमों को ताक पर रखकर प्रतिबंधित जमीनों का निबंधन किया गया. हालांकि, उन आरोपों पर उस समय कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई और बाद में उनका स्थानांतरण कर दिया गया.
12 अवैध रजिस्ट्री का हुआ था खुलासा
उनके कार्यकाल के दौरान बेतिया में करीब 12 अवैध रजिस्ट्री के मामलों का खुलासा हुआ था. सूत्रों का मानना है कि यदि उस समय इन मामलों की गंभीरता से जांच की गई होती, तो उनके भ्रष्टाचार और कार्यकलापों पर समय रहते अंकुश लगाया जा सकता था. अब ईओयू की छापेमारी के बाद पुराने मामलों की परतें भी फिर से खुलने लगी हैं. जांच एजेंसियां अब उनके बेतिया और अन्य जगहों पर रहे कार्यकाल के दौरान हुए निबंधन कार्यों को भी रडार पर ले सकती हैं.
बेतिया से अवध किशोर तिवारी की रिपोर्ट
