पश्चिम चंपारण न्यूज: जिले के नवलपुर थाना क्षेत्र के कौलापुर वार्ड नंबर 15 निवासी 45 वर्षीय मैनेजर मुखिया की बुधवार की रात हरहा नदी में डूबने से मौत हो गयी. बताया जा रहा है कि वह श्राद्ध कार्य का भोज खाने के बाद नदी पार कर अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान अचानक गहरे पानी में चले जाने से डूब गये. घटना की जानकारी गुरुवार की सुबह उस समय हुई, जब ग्रामीणों ने नदी में उनका शव देखा. इसके बाद गांव में मातम छा गया.
सुबह नदी में मिला शव
ग्रामीणों के अनुसार, मैनेजर मुखिया बुधवार की रात श्राद्ध भोज में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे. नदी पार करने के दौरान वह गहरे पानी में चले गये और डूब गये. गुरुवार की सुबह ग्रामीणों ने नदी में शव देखा. सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और शव को नदी से बाहर निकाला. घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया.
मछली पकड़कर परिवार का करते थे भरण-पोषण
ग्रामीणों ने बताया कि मैनेजर मुखिया हरहा नदी में मछली पकड़कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. वह अपने पीछे पत्नी और तीन बेटियों को छोड़ गये हैं. उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
करीब 80 परिवारों के लिए पुल जरूरी
ग्रामीणों के अनुसार, बलुआ नेवाज राय के करीब 80 परिवार खेती के लिए हरहा नदी के दूसरी ओर आते-जाते हैं. खेती और रोजमर्रा के जरूरी काम के लिए लोगों को नदी पार करनी पड़ती है. बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ जाने के कारण आवागमन और भी खतरनाक हो जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि नदी पर पुल नहीं होने से लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है.
दो थानों की पुलिस ने संभाला मामला
हरहा नदी का इलाका नवलपुर और योगापट्टी थाना क्षेत्र की सीमा से जुड़ा है. घटना की सूचना मिलने के बाद दोनों थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस आवश्यक कार्रवाई में जुटी है.
पुल नहीं होने पर ग्रामीणों में आक्रोश
मैनेजर मुखिया की मौत के बाद हरहा नदी पर पुल नहीं होने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है. ग्रामीण संदीप कुमार मुखिया, भोला ठाकुर, भुटकुन चौधरी, अमर ठाकुर, मेधा चौधरी, हीरा ठाकुर समेत अन्य लोगों ने कहा कि यदि हरहा नदी पर पुल बना होता तो मैनेजर मुखिया को नदी पार करने की मजबूरी नहीं होती. ग्रामीणों ने कहा कि बरसात में नदी पार करना बेहद जोखिम भरा हो जाता है.
सांसद-विधायक से मिल चुका है पुल का आश्वासन
ग्रामीणों ने बताया कि सांसद सुनील कुमार और विधायक विनय बिहारी की ओर से हरहा नदी पर पुल बनवाने का आश्वासन पहले दिया गया था. इसके बावजूद अब तक पुल का निर्माण नहीं हो सका है. ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग से जल्द पुल निर्माण कराने की मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
गांव में शोक का माहौल
मैनेजर मुखिया की मौत के बाद कौलापुर समेत आसपास के गांवों में शोक का माहौल है. वहीं, ग्रामीणों ने हरहा नदी पर पुल निर्माण की मांग को एक बार फिर प्रमुखता से उठाया है.