Manish Kashyap: E20 पेट्रोल नीति पर दिल्ली में गरजे मनीष कश्यप, बोले- 30 करोड़ वाहन मालिकों की आवाज बनकर आया हूं

मनीष कश्यप ने दिल्ली में E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति के खिलाफ आवाज उठाई. उन्होंने देश भर के करोड़ों वाहन मालिकों की समस्याओं को केंद्र सरकार के सामने रखा. अपनी कार के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने E20 ईंधन के संभावित प्रभावों पर चिंता जताई.

Manish Kashyap on E20: पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया विधानसभा क्षेत्र से जनसुराज के पूर्व प्रत्याशी मनीष कश्यप ने शनिवार को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित 'नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट E20' कार्यक्रम में केंद्र सरकार की E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति पर सवाल उठाए. कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी मौजूद रहे.

वाहन मालिकों की समस्याओं का उठाया मुद्दा

अपने संबोधन में मनीष कश्यप ने कहा कि देश के करोड़ों वाहन मालिकों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद सभी राजनीतिक दलों को जनता के हित में मिलकर काम करना चाहिए.

अपनी कार का अनुभव किया साझा

मनीष कश्यप ने बताया कि उन्होंने फरवरी में टोयोटा हाइब्रिड हाईक्रॉस कार खरीदी थी. उनका दावा है कि करीब 12 हजार किलोमीटर चलने के बाद वाहन की पिकअप में समस्या आने लगी. उन्होंने कहा कि सर्विस सेंटर में मरम्मत के दौरान उनसे 7,960 रुपये का बिल लिया गया, जिसमें जीएसटी भी शामिल था.

E20 व्यवस्था पर उठाए सवाल

मनीष कश्यप ने दावा किया कि देश के अधिकांश पेट्रोल पंप अभी E20 ईंधन के अनुरूप पूरी तरह तैयार नहीं हैं. उन्होंने ईंधन भंडारण, आपूर्ति व्यवस्था और वाहन के फ्यूल सिस्टम पर संभावित प्रभाव को लेकर भी सवाल उठाए. साथ ही एथेनॉल उत्पादन से जुड़े कुछ आरोप भी लगाए, हालांकि कार्यक्रम के दौरान इन दावों के समर्थन में उन्होंने कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया.

E20 विवाद पहले भी रहा चर्चा में

उल्लेखनीय है कि मनीष कश्यप पहले भी अपनी कार में तकनीकी खराबी को लेकर E20 पेट्रोल का मुद्दा उठा चुके हैं. बाद में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि जांच में वाहन की खराबी का कारण E20 पेट्रोल नहीं, बल्कि ईंधन में पानी की मौजूदगी पाई गई थी. इसके बाद इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस हुई थी.

यह भी पढ़ें: अब रोज देनी होगी पढ़ाई की ऑनलाइन रिपोर्ट, गूगल फॉर्म नहीं भरने पर शिक्षक माने जाएंगे अनुपस्थित


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By गणेश वर्मा

गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >