अभियुक्त के साथ पुलिस पदाधिकारी व अन्य

दवा उधार नहीं देने पर दुकानदार पर ताना था कट्टा, कुदाल से किया हमला, छह साल बाद सजा

दवा उधार न देने के विवाद में दुकानदार पर कट्टा तानकर गोली चलाने और कुदाल से हमला करने के छह साल पुराने मामले में बगहा व्यवहार न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है. अदालत ने कुल 2000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

Bagaha News: बगहा. दवा उधार नहीं देने के विवाद में दुकानदार पर कट्टा तानकर गोली चलाने का प्रयास करने और कुदाल से पीठ पर हमला कर जख्मी करने के करीब छह साल पुराने मामले में बगहा व्यवहार न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनायी है. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर चौतरवा थाना क्षेत्र के रामदयाल पांडेय को चार अलग-अलग धाराओं में दोषी पाया. अदालत ने कुल 2000 रुपये जुर्माना भी लगाया है.

छह साल पुराने मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला

अपर लोक अभियोजक कमलेश शर्मा ने बताया कि मामले की सुनवाई करीब छह वर्षों तक चली. इस दौरान अभियोजन की ओर से गवाहों के बयान दर्ज कराये गये और साक्ष्य प्रस्तुत किये गये. उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त रामदयाल पांडेय को दोषी करार देते हुए सजा सुनायी.

दवा उधार नहीं देने पर शुरू हुआ था विवाद

मामले में चौतरवा थाना क्षेत्र निवासी अभिनव मिश्रा ने 9 अक्टूबर 2020 को प्राथमिकी दर्ज करायी थी. आवेदन के अनुसार, वह शाम करीब 6:30 बजे अपनी दवा दुकान पर बैठा था. इसी दौरान पड़ोसी रामदयाल पांडेय दवा उधार नहीं देने को लेकर गाली-गलौज करने लगा.

कट्टा ताना, गोली नहीं चली तो कुदाल से किया हमला

पीड़ित के अनुसार, विवाद के दौरान आरोपी ने उस पर कट्टा तानकर गोली चलाने का प्रयास किया. गोली नहीं चलने पर वह जान बचाने के लिए भागने लगा. इसी दौरान आरोपी ने कुदाल से उसकी पीठ पर हमला कर दिया, जिससे वह जख्मी हो गया.

ग्रामीणों ने आरोपी को खदेड़ा, घर में बंद हुआ

घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोपी को खदेड़ दिया. ग्रामीणों के पीछा करने पर आरोपी अपने घर में घुस गया और दरवाजा बंद कर लिया. बाद में पीड़ित के पिता और ग्रामीणों ने घटना में इस्तेमाल कट्टा और गोली पुलिस को सौंप दी थी.

चार धाराओं में अलग-अलग सजा, साथ चलेगी सभी सजा

अदालत ने आरोपी को चार अलग-अलग मामलों में सजा सुनायी. पहले मामले में एक माह कारावास और 250 रुपये जुर्माना, दूसरे में छह माह कारावास और 500 रुपये जुर्माना, तीसरे में नौ माह कारावास और 1000 रुपये जुर्माना तथा चौथे मामले में एक माह कारावास और 250 रुपये जुर्माने की सजा दी गयी. जुर्माना नहीं देने पर क्रमशः 15 दिन, एक माह, दो माह और 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Israel ansari

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >