West Champaran News: योगापट्टी. मच्छरगांवा स्थित श्री नर सिंह नारायण सिंह स्टेडियम के खेल मैदान में गुरुवार को करीब 40 वर्षों से चली आ रही कंस वध मेले की परंपरा का भव्य आयोजन हुआ. मेला देखने के लिए मच्छरगांवा समेत आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों श्रद्धालु और दर्शक पहुंचे. सुबह से ही मेला परिसर में लोगों की भीड़ जुटने लगी थी. कंस की विशालकाय प्रतिमा, हाथी, ऊंट और घोड़ों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया.
40 वर्षों से चली आ रही है कंस वध मेले की परंपरा
मेला समिति के अध्यक्ष अरविंद साह ने बताया कि मच्छरगांवा में करीब चार दशक से कंस वध मेले का आयोजन होता आ रहा है. धार्मिक प्रसंग से जुड़ी इस परंपरा के तहत हर वर्ष कंस वध का मंचन और आयोजन किया जाता है.
मेले का शुभारंभ राधा-कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुआ. इसके बाद मुख्य कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू हुईं और श्रद्धालु मैदान में जुटने लगे.
श्रीकृष्ण-बलराम की शोभायात्रा से गूंजा गांव
कंस वध मेले के दौरान दर्जनों बच्चों ने श्रीकृष्ण और बलराम का रूप धारण किया. बच्चे पारंपरिक परिधानों में सजकर शोभायात्रा में शामिल हुए.
गाजे-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा में बच्चों के हाथों में गदा और त्रिशूल आकर्षण का केंद्र रहे. इस दौरान पूरे गांव में ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंजते रहे. शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और दर्शकों का उत्साह देखने लायक रहा.
दो हाथी, ऊंट और घोड़े बने आकर्षण
कंस वध को रोमांचक बनाने के लिए पूजा समिति की ओर से दो हाथी, एक ऊंट और करीब आधा दर्जन घोड़े मंगाए गए थे. इन जानवरों को देखने के लिए भी मेला परिसर में लोगों की भीड़ लगी रही.
विशालकाय कंस की प्रतिमा के साथ हाथियों की मौजूदगी ने कंस वध कार्यक्रम को विशेष आकर्षण दिया.
हाथियों ने गिरायी कंस की विशाल प्रतिमा
शोभायात्रा के बाद कंस वध का मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ. जैसे ही हाथियों ने विशालकाय कंस की प्रतिमा को गिराया, पूरा मेला परिसर तालियों की गड़गड़ाहट और जयघोष से गूंज उठा.
इसके साथ हुई आतिशबाजी ने माहौल को और रोमांचक बना दिया. धार्मिक उत्साह और मेले की रौनक के बीच हजारों दर्शकों ने कंस वध का कार्यक्रम देखा.
हाथी पर सवार होकर मेला देखने पहुंचे विधायक और सीओ
लौरिया विधायक विनय बिहारी और योगापट्टी के अंचलाधिकारी विक्रम सिंह भी हाथी पर सवार होकर मेला देखने पहुंचे. उनके पहुंचने पर भी मेला परिसर में लोगों में उत्साह नजर आया.
आयोजन में मेला समिति के अध्यक्ष अरविंद साह, मनोज फौजी, समाजसेवी संजीव कुमार सोनी, अभिषेक सिंह, चिंटू सिंह, संदीप जायसवाल, सचिव लालबाबू प्रसाद, मुन्ना सराफ, राहुल कुमार, राजा बाबू, रंजीत, डॉ. सुनील गुप्ता, सोनू कुमार और अंकुर कुमार समेत समिति के सदस्य मौजूद रहे.
हजारों दर्शकों की मौजूदगी में संपन्न हुआ आयोजन
करीब चार दशक पुरानी इस परंपरा को लेकर आसपास के गांवों के लोगों में भी खासा उत्साह रहा. सुबह से लेकर कंस वध कार्यक्रम तक मेला परिसर में भीड़ बनी रही.
पूजा-अर्चना, शोभायात्रा, भजन, आतिशबाजी और कंस वध के आयोजन के साथ मच्छरगांवा का यह धार्मिक मेला उत्साह और उल्लास के बीच संपन्न हुआ.
यह भी पढ़ें: नवलपुर में बाढ़ के बाद बढ़ा बीमारी का खतरा, मेडिकल टीम ने घर-घर जाकर की स्वास्थ्य जांच और बांटी दवाएं