Bettiah: मदनपुर-वाल्मीकिनगर स्टेट हाईवे मार्ग पर दिखा तेंदुआ

वीटीआर के सदाबहार जंगलों के बीचों बीच धार्मिक स्थल व रोमांचकारी यात्रा में बाघ, तेंदुए सहित अन्य जंगली जानवरों को देखने का रोमांच ही अलग होता है.

हरनाटांड़. वीटीआर के सदाबहार जंगलों के बीचों बीच धार्मिक स्थल व रोमांचकारी यात्रा में बाघ, तेंदुए सहित अन्य जंगली जानवरों को देखने का रोमांच ही अलग होता है. भालू और हिरण सहित अन्य जानवर जंगल सफारी के दौरान दिखाई दे जाते हैं. लेकिन वीटीआर के बीचों बीच मदनपुर-वाल्मीकिनगर मुख्य स्टेट हाईवे मार्ग के मदनपुर के समीप एक तेंदुआ जंगल से बाहर निकल कर सड़क पार कर रहा था. इसी दौरान वाल्मीकिनगर से लौट रहे राहगीरों ने सड़क पार करते तेंदुए का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में तेंदुआ जंगल से दौड़ कर सड़क पार कर रहा है. जिसे देखकर वहां से गुजर रहे पर्यटक रोमांचित हो उठे. उन्होंने गाड़ी में से इस खूबसूरत दृश्य को कैमरे में फोटो और वीडियो के रूप में कैद भी किया. बताया जा रहा है तेंदुआ ना गाड़ियों से डर रहा था और ना ही गाड़ियों के लाइट से. कुछ देर बाद तेंदुआ के ऊपर गाड़ी की रोशनी पर साफ दिखाई दे रहा कि जंगल की ओर जाते हुए.

मदनपुर-वाल्मीकिनगर स्टेट हाईवे पर रात में रहे सावधान

अगर आप मदनपुर-वाल्मीकिनगर स्टेट हाईवे मार्ग से वाल्मीकिनगर घूमने के लिए आ रहे तथा लौट रहे हैं तो रात में सावधानी बरतते हुए सड़कों पर निकले. क्योंकि वीटीआर के जंगल में जैसे-जैसे रात का अंधेरा होने लगता है वैसे-वैसे वन्यजीवों का सड़कों पर विचरण शुरू हो जाता है. हालांकि खुले में जंगली जीवों के विचरण का दृश्य काफी मनोरम दिखता है. लेकिन रात में जंगल के सड़कों पर निकलना खतरनाक हो सकता है. शुक्रवार की देर रात्रि वाल्मीकिनगर से आने वाले लोग अचानक से तेंदुए को देखते ही अपनी गाड़ियों को रोक दिए और तेंदुए को देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए. वही अपनी गाड़ियों के शीशे बंद कर शांत हो गए. धीरे-धीरे मोबाइल फोन से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी शुरू कर दी है. पीछे वाले लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा था. रात के अंधेरे में आखिर गाड़ी रुक क्यों गयी. तब तक वीटीआर के जंगलों में तेंदुआ घुस गया. कुछ देर बाद लोगों ने तेंदुए का मस्ती करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने लगे.

वन में 100 से ज्यादा तेंदुआ

पर्यटकों को बाघ और तेंदुआ समेत अन्य वन्यजीवों का दीदार भी आसानी से हो सकता है. वीटीआर में तेंदुओं की संख्या 100 से ज्यादा है. वहीं बाघों की संख्या में भी निरंतर इजाफा देखा जा रहा है. बाघ की संख्या शावक समेत 60 से ज्यादा होने का अनुमान है. आज बगहा और वाल्मीकिनगर सिर्फ पर्यटन स्थल नहीं बल्कि जीवंत जंगल और वन्य रोमांच की नई पहचान बनते जा रहे हैं.

बोले वन संरक्षक

वीटीआर के वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक डॉ. नेशामणि के. ने बताया कि वीटीआर में बाघ तेंदुआ की संख्या है तो तभी तो दिख रहे हैं. वन्यजीवों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. तेंदुआ बाघ के साथ शाकाहारी वन्यजीवों को सड़कों पर टहलने व देखे जाने से इंकार नहीं किया जा सकता है. जब सड़कों पर आवागमन बंद होने से सड़क सुनसान हो जाते हैं तो वन्यजीव निकल कर सड़क पार कर इधर-उधर भ्रमण करते रहते हैं. वीटीआर के जंगल व धार्मिक स्थल, वन्यजीवों का भ्रमण करना पर्यटकों को आकर्षित करती.

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Author: RANJEET THAKUR

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