Lauria Police: बेतिया की विशेष एससी-एसटी अदालत ने न्यायालय के आदेश के बावजूद केस डायरी प्रस्तुत नहीं किए जाने के मामले में सख्त रुख अपनाया है. अदालत ने लौरिया थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगते हुए उन्हें 1 अगस्त 2026 को अद्यतन केस डायरी के साथ न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है.
यह आदेश प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष एससी-एसटी एक्ट न्यायाधीश मुंशीलाल गौतम ने सुनवाई के दौरान दिया.
जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान उठा मामला
मामला लौरिया थाना कांड संख्या 334/2026 से जुड़ा है. इस कांड में दाखिल जमानत आवेदन पर सुनवाई के दौरान अदालत ने केस डायरी की मांग की थी.
न्यायालय के अनुसार, आदेश दिए जाने के बावजूद केस डायरी समय पर प्रस्तुत नहीं की गई, जिसे अदालत ने आदेश की अवहेलना के रूप में गंभीरता से लिया.
1 अगस्त को कोर्ट में होना होगा उपस्थित
अदालत ने लौरिया थानाध्यक्ष को निर्देश दिया है कि वे 1 अगस्त 2026 को अद्यतन केस डायरी के साथ स्वयं न्यायालय में उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दें.
विशेष लोक अभियोजक ने क्या बताया?
विशेष लोक अभियोजक विजय बहादुर सिंह ने बताया कि जमानत आवेदन की सुनवाई के दौरान अदालत की ओर से कई बार केस डायरी उपलब्ध कराने को कहा गया.
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद थानाध्यक्ष और मामले के अनुसंधानकर्ता की ओर से अब तक केस डायरी न्यायालय में प्रस्तुत नहीं की गई है.
अब अगली सुनवाई पर रहेगी नजर
अब इस मामले में 1 अगस्त 2026 को अदालत के समक्ष थानाध्यक्ष का जवाब और अद्यतन केस डायरी प्रस्तुत की जाएगी. इसके बाद न्यायालय आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा.
