Bettiah News: बेतिया. चनपटिया में 30 अगस्त को आयोजित रोजगार मेले में शामिल अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबर और अन्य डाटा का कथित दुरुपयोग कर साइबर ठगी का मामला सामने आया है. आरोप है कि अज्ञात साइबर अपराधी रोजगार मेले में शामिल युवाओं को उन कंपनियों के नाम से फर्जी नियुक्ति का झांसा दे रहे हैं, जिनके प्रतिनिधि मेले में शामिल ही नहीं हुए थे. मामले में साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है. प्राथमिकी चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन के निजी सचिव घोघा निवासी गोलू कुमार शुक्ल ने दर्ज करायी है.
मेले में शामिल नहीं हुई थीं दोनों कंपनियां
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, रोजगार मेले में लेनेवो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और बजाज ऑटो स्पेयर पार्ट्स को आमंत्रित नहीं किया गया था. इन दोनों कंपनियों का कोई प्रतिनिधि भी रोजगार मेले में मौजूद नहीं था.
इसके बावजूद अज्ञात साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर इन कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर रोजगार मेले में शामिल अभ्यर्थियों से संपर्क करना शुरू कर दिया. इससे मेले में शामिल युवाओं के डाटा के दुरुपयोग को लेकर सवाल खड़े हो गये हैं.
फर्जी नियुक्ति का झांसा देकर मांग रहे थे रुपये
आरोप है कि साइबर अपराधी अभ्यर्थियों को नौकरी में चयन और नियुक्ति का झांसा दे रहे थे. इसके बाद ऑनलाइन माध्यम से रुपये की मांग की जा रही थी.
प्राथमिकी में इसी तरीके से तीन अभ्यर्थियों के साथ ठगी किये जाने की बात सामने आयी है. साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर कंपनियों के नाम और नौकरी से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल कर युवाओं का भरोसा जीतने की कोशिश की.
तीन अभ्यर्थियों से 1350-1350 रुपये की ठगी
पुलिस के अनुसार, मझौलिया थाना क्षेत्र के सेमरा वृत्त निवासी गोलू कुमार, चनपटिया थाना क्षेत्र के पडुकिया निवासी ओमकांत कुमार और मिथिलेश कुमार को साइबर अपराधियों ने निशाना बनाया.
तीनों अभ्यर्थियों से अलग-अलग 1350 रुपये की ऑनलाइन ठगी की गयी है. रोजगार की तलाश में शामिल युवाओं से पैसे लिये जाने के बाद मामला सामने आया और इसकी शिकायत साइबर थाना तक पहुंची.
अभ्यर्थियों के डाटा तक कैसे पहुंची जानकारी?
मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि रोजगार मेले में शामिल अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबर और अन्य डाटा साइबर अपराधियों तक कैसे पहुंचा.
पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है कि अभ्यर्थियों का डाटा कहां से हासिल किया गया और इसका इस्तेमाल किस तरीके से किया गया. जांच में साइबर अपराधियों के नेटवर्क और ठगी के पूरे तरीके का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है.
साइबर थाना में प्राथमिकी, जांच शुरू
साइबर डीएसपी अब्दुर रहमान ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अभ्यर्थियों के डाटा तक अपराधियों की पहुंच कैसे हुई, फर्जी नियुक्ति के नाम पर कितने लोगों से संपर्क किया गया और इस ठगी में कौन-कौन लोग शामिल हैं. उपलब्ध तथ्यों और तकनीकी जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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