West Champaran News: भारत-नेपाल सीमा से सटे सुस्ता क्षेत्र में भूमि विवाद को लेकर बनी स्थिति के बीच दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों की महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई. बैठक में सीमा क्षेत्र के मौजूदा हालात की समीक्षा करते हुए दोनों पक्षों ने शांति, सौहार्द और आपसी सहयोग बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई. अधिकारियों ने स्थिति को सामान्य और शांतिपूर्ण बताया.
Valmikinagar News: एसएसबी और नेपाल एपीएफ अधिकारियों ने की बैठक
बैठक में एसएसबी की ओर से 65वीं वाहिनी के कमांडेंट नंदन सिंह मेहरा, द्वितीय कमान अधिकारी सुरेश शर्मा तथा रमपुरवा कैंप के कमांडर अवधेश कुमार शामिल हुए. वहीं नेपाल की ओर से एपीएफ के पुलिस अधीक्षक गोविंद बहादुर खत्री, 26वीं वाहिनी नवलपरासी तथा पोस्ट कमांडेंट इंस्पेक्टर तेज बहादुर बोरा मौजूद रहे.
सुस्ता क्षेत्र के मौजूदा हालात की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान सुस्ता क्षेत्र में भूमि विवाद से उत्पन्न स्थिति और सीमा क्षेत्र की गतिविधियों पर चर्चा की गई. दोनों पक्षों ने मौजूदा परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए कहा कि क्षेत्र में स्थिति सामान्य और शांतिपूर्ण है. अधिकारियों ने भविष्य में भी आपसी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया.
नो-मैन्स लैंड के पास तटबंध निर्माण पर भी चर्चा
बैठक में गंडक नदी के कटाव से बचाव के लिए सुस्ता क्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा नो-मैन्स लैंड के समीप जेसीबी मशीन और सैंडबैग की सहायता से किए जा रहे तटबंध सुदृढ़ीकरण कार्य पर भी चर्चा हुई. दोनों देशों के अधिकारियों ने इस विषय पर आपसी समझ और समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता जताई.
गलतफहमी और तनाव नहीं होने देने का भरोसा
नेपाल एपीएफ के पुलिस अधीक्षक गोविंद बहादुर खत्री ने आश्वासन दिया कि सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गलतफहमी या तनाव की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी. उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए नेपाल एपीएफ का सहयोग आगे भी जारी रहेगा.
संवाद और सहयोग से समाधान पर जोर
एसएसबी कमांडेंट नंदन सिंह मेहरा ने नेपाल एपीएफ की सकारात्मक पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बलों की प्रमुख जिम्मेदारी आपसी समन्वय बनाए रखना है. सीमा से जुड़े किसी भी विवाद का समाधान संवाद, संयम और सहयोग के माध्यम से किया जाना चाहिए.
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