Narkatiaganj News: नरकटियागंज. टीपी वर्मा कॉलेज में हिन्दी विभाग के तत्वावधान में हिन्दी पखवाड़े के तहत शनिवार को ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया के दौर में हिन्दी का भविष्य’ विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित की गयी. कार्यक्रम में तकनीकी बदलाव के दौर में हिन्दी की उपयोगिता, संभावनाओं और विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसरों को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार रखे.
संगोष्ठी के मुख्य अतिथि सह वक्ता रामदयालु सिंह महाविद्यालय के स्नातकोत्तर हिन्दी विभागाध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय अभिषद् सदस्य प्रो. (डॉ.) रमेश प्रसाद गुप्ता रहे. उन्होंने एआई के बढ़ते प्रयोग के बीच हिन्दी की स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की.
AI के दौर में हिन्दी की उपयोगिता पर चर्चा
प्रो. (डॉ.) रमेश प्रसाद गुप्ता ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन हिन्दी अपनी सहज ग्रहणशीलता, समासिकता और प्रगतिशीलता के कारण मजबूत बनी हुई है.
उन्होंने विद्यार्थियों को हिन्दी अध्ययन के साथ रचनात्मक लेखन में उपलब्ध रोजगार की संभावनाओं की जानकारी दी. उन्होंने बदलती तकनीक के साथ हिन्दी भाषा के प्रयोग और अध्ययन को जोड़कर आगे बढ़ने की जरूरत पर भी जोर दिया.
विद्यार्थियों को हिन्दी में रोजगार के अवसरों की जानकारी
संगोष्ठी में हिन्दी विषय के विद्यार्थियों के लिए बदलते समय में उपलब्ध संभावनाओं पर भी चर्चा हुई. वक्ताओं ने हिन्दी अध्ययन और रचनात्मक लेखन को करियर से जोड़कर देखने की बात कही.
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि सोशल मीडिया और एआई जैसे तकनीकी माध्यमों के बढ़ते प्रभाव के बीच हिन्दी भाषा के प्रयोग के नए क्षेत्र भी विकसित हो रहे हैं.
प्राचार्य ने दैनिक जीवन में हिन्दी के प्रयोग की अपील की
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) राजेश कुमार सिंह ने की. उन्होंने विद्यार्थियों से दैनिक जीवन में हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि भाषा का विकास उसके नियमित प्रयोग से जुड़ा होता है. विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अपने दैनिक व्यवहार और अभिव्यक्ति में भी हिन्दी के प्रयोग को बढ़ावा देना चाहिए.
सहायक प्राध्यापक डॉ. मनदीप राय ने भी संगोष्ठी में अपने विचार रखे.
हिन्दी विभाग ने कराया कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगीत के साथ हुआ. हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. नम्रता गुप्ता ने विषय प्रवेश कराया और कार्यक्रम का संचालन किया.
संगोष्ठी के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी हिन्दी के भविष्य और तकनीकी बदलाव से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे. इससे कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही.
राष्ट्रगान के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में डॉ. मदन मोहन पंडित ने धन्यवाद ज्ञापन किया. मौके पर वरीय क्रीड़ा निदेशक सुनील वर्मा, पप्पू पांडेय, पिट्टू वर्मा समेत कॉलेज के सभी विभागों के प्राध्यापक-प्राध्यापिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ.
