एसएसबी कैंप में गूंजी राजभाषा की गूंज! नरकटियागंज 44वीं वाहिनी में हिंदी पखवाड़ा शुरू, जवानों ने लिया ये संकल्प

नरकटियागंज स्थित 44वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में हिंदी पखवाड़ा का शुभारंभ किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यों में राजभाषा हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देना है. कार्यक्रम 21 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चलेगा.

पश्चिम चंपारण: नरकटियागंज स्थित 44वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के वाहिनी मुख्यालय परिसर में सोमवार को 'हिंदी पखवाड़ा' कार्यक्रम का विधिवत एवं भव्य शुभारंभ किया गया. बल मुख्यालय, सशस्त्र सीमा बल, नई दिल्ली के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ कमांडेंट बलवंत सिंह नेगी के कुशल मार्गदर्शन तथा द्वितीय कमान अधिकारी गोविंद कुमार ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ. यह विशेष आयोजन 21 सितंबर से 4 अक्टूबर तक निरंतर संचालित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी व अर्धसैनिक कार्यों में राजभाषा हिंदी के उपयोग को व्यापक बढ़ावा देना है.

'हिंदी सीखो, हिंदी बोलो और हिंदी पर गर्व करो' थीम पर आयोजन

इस वर्ष हिंदी पखवाड़े का मुख्य विषय (थीम) ‘हिंदी सीखो, हिंदी बोलो और हिंदी पर गर्व करो’ निर्धारित किया गया है. कार्यक्रम का मूल उद्देश्य कार्यालयीन कामकाज में राजभाषा हिंदी के प्रयोग का प्रतिशत बढ़ाना तथा बलकर्मियों में अपनी राष्ट्रभाषा के प्रति गहरा गौरव और जागरूकता पैदा करना है. पखवाड़े के दौरान वाहिनी के जवानों व अधिकारियों के बीच स्वस्थ बौद्धिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की प्रतियोगिताओं की रूपरेखा तैयार की गई है.

निबंध, वाद-विवाद, कविता पाठ और टंकण प्रतियोगिताएं होंगी आयोजित

पखवाड़े के दौरान आगामी 4 अक्टूबर तक बलकर्मियों के लिए हिंदी निबंध लेखन, वाद-विवाद प्रतियोगिता, स्वरचित कविता पाठ, हिंदी टंकण (टाइपिंग), सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी (क्विज) तथा प्रशासनिक शब्दावली से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा. इन स्पर्धाओं में उत्कृष्ट एवं सराहनीय प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पखवाड़े के समापन अवसर पर पुरस्कृत व सम्मानित भी किया जाएगा.

हिंदी केवल भाषा नहीं, राष्ट्र को जोड़ने वाला सूत्र: कमांडेंट बलवंत सिंह नेगी

समारोह को संबोधित करते हुए कमांडेंट बलवंत सिंह नेगी ने कहा कि हिंदी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान और संपूर्ण राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने वाली कड़ी है. उन्होंने बलकर्मियों से अपील की कि वे अपने दैनिक संपर्क और प्रशासनिक फाइलों में हिंदी का अधिक से अधिक उपयोग करें. उन्होंने कहा कि वर्तमान तकनीकी युग में कंप्यूटर, स्मार्टफोन और विभिन्न सॉफ्टवेयर के माध्यम से हिंदी में कार्य करना पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और सुगम हो चुका है.

कार्यक्रम में उपस्थित रहे अधिकारी व बलकर्मी

इस गरिमामयी उद्घाटन अवसर पर उप कमांडेंट ज्ञानेंद्र कुमार, सहायक कमांडेंट तरुण यादव, निरीक्षक (सामान्य) बलवीर राम सहित वाहिनी मुख्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में बलकर्मी उपस्थित रहे. उपस्थित सभी जवानों और अधिकारियों ने अपने दैनिक दायित्वों के निर्वहन में राजभाषा हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का सामूहिक संकल्प दोहराया.


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लेखक के बारे में

By सतीश कुमार पांडेय

सतीश कुमार पांडेय ने वर्ष 2000 में जी न्यूज से पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने चर्चित दस्यु सरगनाओं की रिपोर्टिंग की. बाद में आज और दैनिक जागरण में कार्य किया. वर्ष 2016 से वें प्रभात खबर में कार्यरत हैं. इन्हें क्राइम, प्रशासनिक, राजनीतिक, सामाजिक तथा खेती-किसानी से जुड़ी खबरों में विशेष रुचि रही है.

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