Mainatand Rain News: पश्चिम चंपारण के मैनाटांड़ प्रखंड में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने धान की रोपनी को नई रफ्तार दे दी है. पर्याप्त पानी मिलने से किसान तेजी से खेतों में रोपनी कर रहे हैं. हालांकि लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है.
रोपनी में आई तेजी, किसानों ने ली राहत की सांस
लंबे इंतजार के बाद हुई अच्छी बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है. इसका असर यह हुआ कि पूरे प्रखंड में धान की रोपनी बड़े पैमाने पर शुरू हो गई है. किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से खेती को बड़ा सहारा मिला है.
पहाड़ी नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा
लगातार वर्षा के कारण दोरहम, नौखनिया, मनिहारी, थेथरी तथा सीमावर्ती क्षेत्रों से गुजरने वाली ओरिया नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है.
फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन प्रशासन और ग्रामीण जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं.
कई गांवों में खेत पानी में डूबे
लगातार बारिश और सरेही पानी के कारण प्रखंड के दर्जनों गांवों के खेतों में पानी भर गया है. कई जगह धान की फसल जलमग्न हो गई है.
किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो धान की फसल को नुकसान हो सकता है.
त्रिवेणी नहर में भी बढ़ा जलस्तर
मैनाटांड़-इनरवा मुख्य मार्ग पर स्थित त्रिवेणी केनाल के एक नंबर फाल के आगे सरेही पानी नहर में प्रवेश कर गया है. इसके कारण नहर का जलस्तर भी बढ़ गया है.
जनजीवन भी हुआ प्रभावित
लगातार दो दिनों से हो रही बारिश का असर आम जनजीवन पर भी पड़ा है. कई ग्रामीण मार्गों पर जलभराव से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है. किसान फिलहाल अच्छी फसल की उम्मीद और जलभराव से होने वाले संभावित नुकसान—दोनों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं.
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