बेतिया/चनपटिया. जिले के कई अंचलों में सोमवार की देर शाम अचानक आई तेज आंधी-तूफान व बारिश ने भारी तबाही मचाई है. इस दौरान योगापट्टी, बैरिया, नौतन, मझौलिया, चनपटिया समेत अन्य क्षेत्रों से भारी क्षति होने की सूचना है. खासकर आम समेत अन्य फलों को काफी नुकसान होने की जानकारी मिली है. हालांकि कहीं भी से अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. इधर चनपटिया प्रखंड क्षेत्र में कई गांवों में पेड़ उखड़ गए हैं, तो कहीं घरों के छप्पर उड़ गए हैं. जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान झेलना पड़ा. अंचलाधिकारी कमलकांत सिंह ने बताया कि अवरैया, जैतिया, महनाकुली और चुहड़ी समेत कई गांवों से घरों के छप्पर उड़ने और पेड़ गिरने की सूचना मिली है. हालांकि संयोग रहा कि कहीं किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई है. तेज आंधी के कारण बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित रही. सोमवार की देर शाम से कटी बिजली मंगलवार को सुबह करीब 10 बजे आयी. करीब 14 घंटे तक चनपटिया ब्लैक आउट रहा. उमस भरी गर्मी से लोग रात भर बेचैन रहे. अधिकांश लोगों के घरों में मोटर नहीं चलने से पानी खत्म हो गया था. जिस कारण भी उन्हें परेशानी हुई. बिजली विभाग के कनीय अभियंता गुरुकेश शास्त्री ने बताया कि कई जगह 33 हजार वोल्ट और 11 हजार वोल्ट के तार पर पेंड़ या उसकी टहनियां गिर गयी थीं. कर्मियों के अथक प्रयास से मंगलवार की सुबह 10 बजे बिजली शुरू हो पाई. पहले टाउन फीडर की बिजली शुरू हुई, उसके बाद अन्य फीडरों की भी आपूर्ति दोपहर तक सुचारु कर दी गई. तेज आंधी के कारण आम के बगीचों में काफी टिकोले भी गिरे. टिकोले गिरने से किसानों को आर्थिक क्षति हुई। तेज आंधी से चनपटिया के शंभुआपुर गांव में बुनियादी स्कूल के समीप एक विशाल पीपल का पेंड़ सड़क पर गिर गया। आंधी-पानी से शादी वाले घरों में भी परेशानी हुई है। आंधी-पानी ने लोगों के दरवाजे पर शादी की सजावट बिगाड़ दी। बाक्स की खबर : आंधी में दलित बस्ती खडडा भंगहा से गायब हो जाती है बिजली
–भीषण गर्मी में लोगों का जीना हुआ मुहाल
नौतन : सोमवार की शाम आयीं तेज आंधी पानी से खडडा भंगहा दलित बस्ती से बिजली गुल है. इससे गर्मी के मौसम में लोगों को जीना मुहाल हो गया है. खडडा पुरंदरपुर बास के पास अक्सर बिजली का तार सालों से टूट जाते हैं. इससे पुरंदरपुर समेत भंगहा दलित बस्ती में बिजली गायब हो जाती है. भंगहा दलित बस्ती के उपभोक्ता दशरथ पासवान, अमीर पासवान, राजेश पासवान, संजय पासवान, चंद्र मोहन पासवान, महेंद्र पासवान, झुनना पासवान आदि ने कहा कि पिछले कई साल से विभाग की ओर से बिजली तार दुरूस्त नहीं करने से बिजली गायब हो जाती है. बास के सटे बिजली पोल से बिजली तार आंधी आने पर बाधित हो जाता है. ग्रामीण बार बार बिजली मिस्त्री को फोन करते हैं तो बड़ी मुश्किल से तार जोड़े जातें हैं. ग्रामीणों ने कहा कि विभाग की ओर से दलित बस्ती में नियमित बिजली आपूर्ति करने की व्यवस्था में आनाकानी की जाती है. साथ ही बास के पास बिजली तार की समस्या निराकार के दिशा में विभाग उदासीन है. जिसके कारण उपभोक्ताओं को अंधेरे में जीवन बसर करना पड़ता है. बार बार तार टूटने की समस्या से बिजली मिस्त्री भी तंग आ चुके हैं.
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