West Champaran News: योगापट्टी प्रखंड की सिसवा मंगलपुर पंचायत के सिसवा गांव में गंडक नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच कटाव का खतरा बढ़ गया है. नदी का पानी घटते ही किनारे तेजी से कटने लगे हैं. सिसवा गांव से पांडेय जी के टोला तक कई स्थानों पर कटाव की स्थिति बनी हुई है. नदी गांव से महज कुछ दूरी पर पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है.
जलस्तर घटते ही तेज हो जाता है कटाव
स्थानीय ग्रामीण नरेश पटेल, मोहन पटेल, सुनील पटेल, गर्जन पटेल और कृष्ण पटेल ने बताया कि गंडक का जलस्तर थोड़ा नीचे जाते ही कटाव की रफ्तार अचानक तेज हो जाती है. कई स्थानों पर नदी गांव से करीब 10 मीटर की दूरी तक पहुंच चुकी है. ग्रामीणों को आशंका है कि कटाव नहीं रुका तो आने वाले दिनों में कई घरों और ग्रामीण रास्तों पर संकट खड़ा हो सकता है.
कटाव की चपेट में आया ग्रामीण का घर
शुक्रवार की देर रात कटाव की चपेट में आने से प्यारेलाल पटेल का घर गंडक नदी में समा गया. घर गिरने से पहले परिवार के सदस्य किसी तरह बाहर निकल गये, जिससे बड़ी अनहोनी टल गयी. घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. घर नदी में विलीन होने के बाद आसपास के लोगों में भय और बढ़ गया है.
मौके पर पहुंचा गंडक विभाग
कटाव की सूचना मिलने के बाद गंडक विभाग के अधिकारी और जेई विकास कुमार शनिवार की सुबह मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों का जायजा लेकर स्थिति का आकलन किया. इसके बाद विभाग की ओर से कटावरोधी कार्य शुरू कराया गया.
कटावरोधी कार्य के बावजूद जारी रहा कटाव
विभाग की ओर से कटाव रोकने के लिए मजदूरों को लगाया गया है. हालांकि, कार्यस्थल से करीब 10 मीटर की दूरी पर भी नदी का कटाव जारी रहा. इससे ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है. अधिकारियों ने प्रभावित और संवेदनशील स्थानों की स्थिति पर नजर रखने की बात कही.
ग्रामीणों ने युद्धस्तर पर कार्य की मांग की
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समय रहते प्रभावी कटावरोधी कार्य शुरू कराया जाता तो कई घरों को बचाया जा सकता था. लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी रखने तथा युद्धस्तर पर कटावरोधी कार्य कराने की मांग की है.
यह भी पढ़ें: डुमरी का पुल चार साल से जर्जर, गुड़ कारोबारियों की बढ़ी परेशानी, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
